Friday, October 9, 2026
Newspaper and Magzine


मुख्यमंत्री का दौरा रद्द, फिर भी सुबह नेताओं के घर पहुंची पुलिस बलराज देशवाल और राजेंद्र जैलदार नजरबंद

By LALIT SHARMA , in Politics , at October 9, 2026 Tags: , , , ,

प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर आर्य कॉलेज में ज्ञापन सौंपने जाना था

इनसो नेताओं को पुलिस ने घर पर किया नजरबंद

BOL PANIPAT :- प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर आर्य कॉलेज, पानीपत में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे इनसो के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष बलराज देशवाल एवं प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र जैलदार को पुलिस ने घर पर नजरबंद कर दिया। शुक्रवार सुबह करीब 7:00 बजे पुलिस उनके घर पहुंची

मुख्यमंत्री का प्रस्तावित पानीपत दौरा रद्द होने के बावजूद पुलिस की इस कार्रवाई पर बलराज देशवाल ने सवाल उठाए उन्होंने कहा कि वे छात्रों की समस्याओं और छात्र लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के समक्ष रखना चाहते थे

इनसो नेताओं ने कहा कि प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव बहाल होना विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों और प्रतिनिधित्व से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है इनसो विद्यार्थियों की आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए ज्ञापन सौंपना चाहती थी लेकिन पुलिस की कार्रवाई के कारण वे अपने प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए नहीं निकल सके।

इनसो नेताओं ने कहा कि छात्रों की आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है इनसो प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव बहाल कराने और विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान की मांग को आगे भी मजबूती से उठाती रहेगी

इनसो के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष बलराज देशवाल ने कहा कि मैं स्वयं एम.ए. (इतिहास) का छात्र हूं और विद्यार्थियों की समस्याओं को करीब से समझता हूं कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अपनी बात रखने और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लोकतांत्रिक मंच मिलना चाहिए प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव विद्यार्थियों को अपना प्रतिनिधि चुनने और अपनी आवाज बुलंद करने का अवसर देते हैं

इनसो नेताओं ने कहा कि सरकार पुलिस पर दबाव बनाकर छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास न करे, बल्कि विद्यार्थियों की मांगों को गंभीरता से सुनकर उनका समाधान करे। लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज को नजरबंदी के जरिए नहीं दबाया जा सकता

इनसो नेताओं ने बताया की छात्रों को ज्ञापन देने से रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है
छात्रों की आवाज को दबाकर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है, कोई अपराध नहीं यदि छात्र अपनी मांगों को सरकार तक शांतिपूर्ण तरीके से पहुँचाना चाहते हैं तो उन्हें रोकने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए

Comments


Leave a Reply