Thursday, September 10, 2026
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छाजपुर कलां गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में मनाया गया बाल शहीदी दिवस। एमडीडी ऑफ इंडिया ने बच्चों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई।

By LALIT SHARMA , in Uncategorized , at December 26, 2024

BOL PANIPAT , छाजपुर कलां गांव की पंचायत और विद्यालय ने मिलकर बाल शहीदी दिवस मनाया जिसमें बच्चों ने कविता और ड्राइंग प्रस्तुत की। चयनित बच्चों को सरपंच राजेंद्र रावल ने सम्मानित किया। इसी अवसर पर कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाऊंडेशन द्वारा समर्थित एम डी डी ऑफ इंडिया संस्था द्वारा बाल विवाह, बाल दुर्व्यवहार व बाल श्रम के खिलाफ शपथ प्रोग्राम का आयोजन भी किया गया। इसमें बाल‌ विवाह के दुष्परिणामों तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारे में विस्तार से बताया गया। सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता पायल ने बताया कि कोई भी व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है या उसको बढ़ावा देता है या उसमें सहायता करता है तो 112 नम्बर व‌ 181नम्बर पर फोन करके सुचित करें। बाल‌ विवाह करवाने वाले को 1 साल की सजा व 2 लाख जुर्माना भी लग सकता है या दोनों भी हो सकते हैं। बाल विवाह रूपी बुराई को जड़ से खत्म करना जरूरी है , तभी लड़कियों के सपने साकार होंगै। बाल विवाह होने से लड़कियों का बचपन भी उनसे छिन जाता तथा जल्द शादी से लड़किया शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर हो जाती है,ऐसे में बाल विवाह के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है; तभी लड़कियां अपने बचपन को अपने इच्छा अनुसार जी पाएगी।
एम डी डी जिला समन्वयक संजय कुमार ने कहा कि एम डी डी ऑफ इंडिया पिछले कई वर्षों से बालाधिकारों को लेकर कार्यरत है और “न्याय तक पहुंच” कार्यक्रम के अंतर्गत बाल विवाह, बाल दुर्व्यवहार व बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाए हुए है।

इस अवसर पर एम डी डी आफ इंडिया संस्था से जिला समन्वयक संजय कुमार, सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता पायल, सरपंच राजेंद्र रावल, पंच राजेंद्र, अध्यापक कुलदीप सिंह, जगमिंद्र, देवेंद्र, श्रीमती पूनम शर्मा के अलावा सैंकड़ों छात्र छात्राएं भी शामिल रहे। सभी ने एक स्वर से शपथ ली कि वे किसी भी ऐसी शादी में शामिल नहीं होंगे जिसमें वर या वधु की उम्र कम हो और ऐसी शादियां रोकने का हर संभव प्रयास करेंगे ताकि बच्चों के भविष्य को बचाया जा सके। सरपंच राजेंद्र रावल जी ने छात्र छात्राओं और स्टाफ को संबोधित करते हुए कहा कि आज बाल शहीदी दिवस के दिन एमडीडी ऑफ इंडिया की यह मुहिम बेहद सराहनीय है क्योंकि बाल विवाह लड़कियों की खिलाफ एक सामाजिक अपराध है और उनके मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है। हमें मिलकर इस कुरीति को जड़ से खत्म करना होगा। आज का दिन हमें बच्चों के अधिकारों की याद दिलाता है।
‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान 200 से भी ज्यादा गैरसरकारी संगठनों का गठबंधन है जो 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लिए पूरे देश में काम कर रहे हैं। ये सभी सहयोगी संगठन इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एक समग्र रणनीति ‘पिकेट’ पर अमल कर रहे हैं जिसमें नीति, संस्थान, संम्मिलन, ज्ञान, परिवेश, तकनीक जैसी चीजें शामिल हैं। धार्मिक नेताओं और समुदायों के साथ साझा प्रयासों से इसने इस अपराध के खात्मे के लिए 4.90 करोड़ लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई है।

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