स्वच्छता से ही स्वस्थ और समृद्ध जीवन संभव: सीईओ डॉ किरण सिंह
-पांच गांव होंगे पॉलिथीन मुक्त, चलेगा विशेष सफाई अभियान
-जिन ग्रामीणों ने शौचालय के लिए आवेदन किया है उनके घरों का भी होगा सर्वे
-सेवा पखवाड़ा, स्वच्छता ही सेवा के तहत जिले में होंगे कार्यक्रम
BOL PANIPAT : 16 सितंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह के कुशल मार्गदर्शन और स्वच्छता के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए जिले में उपायुक्त डॉक्टर विरेंदर कुमार दहिया के दिशा निर्देशानुसार 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘सेवा पखवाड़ा’ के तहत स्वच्छता ही सेवा अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान जिले को साफ-सुथरा और पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. किरण सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत विशेष रूप से जिले के पांच गांवों को पॉलिथीन मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों, सरकारी विभागों, स्वयंसेवी संगठनों और ग्रामीण जनता का सहयोग लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 17 से 26 सितंबर तक तीन गांवों में सार्वजनिक स्थानों की विशेष सफाई की जाएगी। इसमें ग्राम सचिवालय, पंचायत भवन, खेल के मैदान और अमृत सरोवर जैसे स्थलों को प्राथमिकता से शामिल किया गया है। इन जगहों पर गहन सफाई अभियान चलाया जाएगा और लोगों को स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
डॉ. किरण सिंह ने कहा कि इस अवधि में स्वच्छता शिविरों का भी आयोजन किया जाएगा, जहां हर व्यक्ति श्रमदान कर इस महत्वपूर्ण अभियान का हिस्सा बन सकेगा। सीईओ ने कहा कि यदि हर नागरिक इसमें अपनी भागीदारी निभाए तो गांवों को साफ-सुथरा और प्रदूषणमुक्त बनाया जा सकता है।
सीईओ ने बताया कि 18 से 28 सितंबर तक ग्राम स्तर पर आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्कर, ग्राम सचिव और अन्य कार्यकर्ता विशेष सफाई अभियान चलाएंगे। वे घर-घर जाकर लोगों को साफ-सफाई का महत्व समझाएंगे और ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ बनाएंगे। इस दौरान कचरे के उचित निपटान और खुले में शौच से मुक्ति पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत गांव स्तर पर 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक कचरे से छटनी का कार्य किया जाएगा। इससे गांव में स्वच्छता के साथ-साथ कचरे के उपयोगी प्रबंधन का भी संदेश मिलेगा। यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम होगी।
उन्होंने बताया कि 19 सितंबर से 2 अक्टूबर तक उन घरों का सर्वेक्षण किया जाएगा जिनमें शौचालय की व्यवस्था नहीं है। जिन लोगों ने शौचालय के लिए आवेदन कर रखा है, उन्हें इस अवधि में प्राथमिकता से सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे। इससे ‘स्वच्छ भारत मिशन’ को नई गति मिलेगी।
डॉ. किरण सिंह ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पूरी जिम्मेदारी और सहयोग से इस अभियान में भाग लें। उन्होंने कहा कि यदि विभागीय समन्वय और जनता की भागीदारी सुनिश्चित हो, तो जिले के गांवों को साफ-सुथरा बनाने का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सेवा पखवाड़ा केवल सफाई तक ही सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह लोगों में जागरूकता फैलाने और स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। यह अभियान पॉलिथीन मुक्त वातावरण, स्वच्छ सार्वजनिक स्थल और खुले में शौच से मुक्ति जैसे लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगा।

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