कंपनी सचिव सुशासन और नैतिकता के प्रहरी हैं : डॉ. चौहान
BOL PANIPAT : 18 जनवरी– कंपनी सेक्रेटरी की भूमिका केवल क़ानूनी प्रावधानों के अनुपालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे कॉरपोरेट सुशासन, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों के सशक्त प्रहरी हैं। यह बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने यहां कही। वे भारतीय कंपनी सचिव संस्थान के पानीपत चैप्टर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि कंपनी सचिव किसी भी कंपनी की रीढ़ होते हैं। वे कंपनी के निदेशक मंडल, प्रबंधन, शेयरधारकों और सरकार के बीच सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी और वैश्विक दौर में जब कॉर्पोरेट जगत पर विश्वास बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है, ऐसे समय में कंपनी सेक्रेटरी की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
मुख्य अतिथि डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने 16 फरवरी से चंडीगढ़ में कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय का क्षेत्रीय कार्यालय शुरू करने के निर्णय के लिए भारत सरकार ओर विशेषकर केंद्रीय वित्त मंत्री श्री मति निर्मला सीतारमण का आभार जताया और कहा कि नई पीढ़ी के कंपनी सेक्टरी इस अवसर का अपने ओर प्रदेश के हित में सदुपयोग करे।
उन्होंने भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि “सत्यम् वद, धर्मं चर” का संदेश आज के कॉर्पोरेट क्षेत्र में भी उतना ही प्रासंगिक है। कंपनी सचिव यदि सत्य, पारदर्शिता और नैतिकता को अपने कार्य का आधार बनाएं, तो न केवल संस्थान बल्कि समाज और राष्ट्र भी सुदृढ़ बनता है।
मुख्य अतिथि ने युवाओं से आह्वान किया कि वे कंपनी सचिव के रूप में केवल करियर ही न बनाएं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को भी समझें। उन्होंने कहा कि अच्छा कंपनी सचिव वही है, जो कानून की भाषा के साथ-साथ समाज की संवेदना को भी समझता हो।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कंपनी सचिवों के प्रशिक्षण, बदलते कॉर्पोरेट कानून, डिजिटल युग की चुनौतियों और व्यावसायिक आचरण पर भी विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा मुख्य अतिथि का स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में विनोद शर्मा, क्षेत्रीय निदेशक, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, सीएस दीपांशु कपूर ( अध्यक्ष पानीपत चैप्टर, आईसीएसआई), सीएस राहुल जोगी (संयोजक, पीएचडीसीसीआई, चंडीगढ़), सीएस नीरज जैन (मर्चेंट बैंकर, दिल्ली) तथा सीएस हर्ष ओबरॉय (सोनीपत) विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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