Friday, April 17, 2026
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फसल अवशेष प्रबंधन योजना- पराली खरीद की तैयारियों का लिया जायजा

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at October 3, 2022 Tags: , , , ,

आईओसीएल व कृषि विभाग के अधिकारियों ने किया साइट का दौरा

BOL PANIPAT , 03 अक्तूबर। आईओसीएल व कृषि विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने सोमवार को गांव गांजबड़ स्थित पराली खरीद साइट का दौरा किया और यहां पर पराली खरीद संबंधी तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान आइओसीएल दिल्ली के वरिष्ठ प्रबंधक निशांत व सहायक कृषि अभियंता सुधीर कुमार ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार पराली जलाने से रोकने के लिए किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है और किसानों से आग्रह किया जा रहा है कि वे अपने खेत में धान की फसल की कटाई उपरांत पराली को जलाने की बजाय सीएचसी के माध्यम से बेच सकते हैं।
उन्होंने बताया कि गांजबड़ में पराली खरीद के लिए लगभग दस एकड़ भूमि पंचायत की है। यहां पर पराली की गांठें पहुंचना शुरू हो गई हैं। आईओसीएल द्वारा पराली को सरकारी दर पर खरीदा जाएगा। इस पराली काो 2जी एथेनॉल प्लांट में भेजा जाएगा जिससे एथेनॉल बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि गांजबड़ व बड़ौली के बीच एक साइट बनाई गई है। इसी तरह आसन कलां में भी साइट बनाई गई है जहां पर किसानों से खरीदी गई पराली को एकत्रित किया जाएगा। इस मौके पर पंचायत सचिव व प्रगतिशील किसान बिजेन्द्र सिंह भी मौजूद रहे।

वैन के माध्यम से किया जा रहा प्रचार: डॉ. वजीर सिंह

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पानीपत के उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि किसानों को पराली जलाने की बजाय इसे बेचकर लाभ कमाने के प्रति कृषि विभाग के माध्यम से लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए विभाग द्वारा न केवल प्रचार वैन के माध्यम से, बल्कि कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा भी कार्यक्रम आयोजित करके किसानों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने जिले के किसानों का आह्वान किया कि वे पराली को खेत में बिल्कुल भी न जलाएं। अगर कोई किसान खेत में पराली या फसल अवशेष जलाता हुआ पाया गया तो न केवल उस पर जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उसके विरूद्ध न केस भी दर्ज हो सकता है। इसलिए किसान पराली को सीएचसी के माध्यम से बेचकर लाभ कमाएं और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें।

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