डीसी डॉक्टर वीरेंद्र कुमार दहिया ने पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
BOL PANIPAT : 26 सितम्बर। डीसी डॉक्टर वीरेंद्र कुमार दहिया ने शुक्रवार को पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने को लेकर संबंधी अधिकारियों की जिला सचिवालय के सभागार में बैठक कर उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए। डीसी डॉक्टर वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से भी इस बारे कड़े निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जिला में फसल अवशेषों को जलाने की घटना ना हों, इसके लिए जिला स्तर पर दैनिक आधार पर निगरानी व प्रबंधन अवश्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी हर सम्भव प्रयास करें कि वे अपने जिले में किसानों द्वारा फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक लगा सकें। जिला में सरकार द्वारा किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए उपलब्ध करवाए जा रहे विकल्पों के बारे में भी जागरूक करें, ताकि इनका प्रयोग कर किसान अपनी आमदनी में भी इजाफा कर सकें और पर्यावरण संरक्षण में अपना सहयोग दे सकें।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विभिन्न प्रकार के जागरूकता अभियानों के माध्यम से स्कूली छात्रों की रैली निकालकर पराली जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों व वैकल्पिक पराली प्रबंधन के समाधानों से अवगत करवाए। इसी के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली 12 सौ रूपये प्रति एकड़ की दर से इन सीटू व एक्स सीटू प्रबंधन करने पर भी दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के बारे में किसानों को जानकारी दी जाए।
उपायुक्त डॉ वीरेंद्र कुमार दहिया ने बैठक उपरान्त सभी सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पराली के भण्डारण हेतू पंचायती भूमि का प्रबंध करने एवं उनकी खपत सुनिश्चित करने हेतू अपने-अपने क्षेत्र में निकटतम उद्योगों से सम्पर्क करें ताकि फसल अवशेषों को जलाने पर रोक लगाई जा सके। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त डाक्टर पंकज यादव, पानीपत एसडीएम मनदीप सिंह, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी भूपेंद्र सिंह इत्यादि उपस्थित रहे।

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