गबन की जाँच में नाम आने से आहत डिप्टी सुपरिटेंडेंट ने खाया जहर. इलाज के दौरान हुई मौत
BOL PANIPAT : गबन की जाँच में नाम आने से आहत पानीपत के समालखा क्षेत्र के बिजली निगम के कार्यालय में डिप्टी सुपरिटेंडेंट ने खाया जहर, इलाज के दौरान हुई मौत समालखा बिजली निगम के दफ्तर में तैनात डिप्टी सुपरिटेंडेंट चक्रवर्ती शर्मा ने बुधवार ड्यूटी के दौरान जहर खा लिया। आनन-फानन में बिजली निगम के कर्मचारी उन्हें समालखा के सरकारी अस्पताल ले गए। उनकी तबीयत और भी खराब हो गई। उनकी गंभीर हालत को देख डॉक्टरों ने उन्हें पानीपत रेफर कर दिया। पानीपत के एक निजी अस्पताल में चक्रवर्ती शर्मा की इलाज के दौरान मौत हो गई। जहर खाने वाले डिप्टी सुपरिटेंडेंट में पानीपत एसपी के नाम एक 4 पन्नों का सुसाइड नोट भी लिखा था। चक्रवर्ती शर्मा का नाम यमुनानगर के बिजली निगम के दफ्तर से लाखों रुपए गबन करने मामले में आया था।मामले की जांच चल रही है जांच के दौरान आरोपी कर्मचारी ने उनका नाम भी मामले में लिया था। जिसके कारण चक्रवर्ती शर्मा मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। समालखा बिजली निगम के दफ्तर में सुबह ड्यूटी पर आए और वहां पर उन्होंने सल्फास की गोलियां खा ली। सुसाइड नोट में डिप्टी सुपरिटेंडेंट में अपनी मौत का जिम्मेदार यमुनानगर के बिजली निगम के अधिकारियों को बताया है फिलहाल पुलिस ने सुसाइड नोट अपने कब्जे में ले लिया है। पानीपत के सिविल अस्पताल में उनका पोस्टमार्टम करवाया गया ।वही चक्रवर्ती शर्मा द्वारा छोड़ा गया सुसाइड नोट में लिखा है कि बिजली निगम यमुनानगर में हुए गमन में उनका कोई हाथ नहीं था। उनके मान सम्मान को ठेस पहुंची है।जिस वजह से वे आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर हैं। वही उन्होंने अपने सुसाइड नोट में बिजली निगम यमुनानगर के उच्च अधिकारियों को ही गबन का दोषी ठहराया।

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