Friday, October 16, 2026
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नवरात्रों में व्रत रखने वाले श्रद्धालु खाली पेट न खाएं कुट्टू व सामक की रोटियां, स्वास्थ्य के प्रति रहें जागरूक : प्रवीन कुमार जैन

By LALIT SHARMA , in SOCIAL , at October 16, 2026 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : समाज सेवा संगठन अध्यक्ष प्रवीन कुमार जैन ने नवरात्रों में व्रत रखने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें और व्रत के दौरान खानपान में सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि कुट्टू और सामक की रोटियां खाने के बाद कुछ लोगों को पेट दर्द, सिर दर्द, उल्टी और दस्त जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण कई बार उन्हें अस्पताल में भर्ती तक होना पड़ता है। इससे परिवार को शारीरिक परेशानी के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।

प्रवीन कुमार जैन ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने दुकानदार भाइयों से बातचीत की, तो उनका कहना था कि उनके यहां मिलने वाला आटा शुद्ध है। ऐसे में श्रद्धालुओं को चाहिए कि वे व्रत के दौरान अपने खानपान पर विशेष ध्यान दें। लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद एकदम से कुट्टू या सामक की रोटियां खाने के बजाय पहले फल या दही जैसे हल्के खाद्य पदार्थ लें, यदि वे उनके व्रत में मान्य हों और उन्हें उनसे कोई परेशानी न हो। इसके साथ ही पर्याप्त पानी पिएं तथा भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सही तरीके से पकाने का ध्यान रखें।
उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि उनकी बिटिया की तबीयत भी खराब हो गई थी, जिसके चलते उसे अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। इस घटना से उन्हें महसूस हुआ कि समाज के लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है, ताकि किसी अन्य परिवार को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने दुकानदार भाइयों से भी अपील की कि वे व्रत में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता और उचित भंडारण का विशेष ध्यान रखें। किसी भी प्रकार का खराब, दूषित या संदिग्ध सामान न बेचें, क्योंकि व्यापार के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी है।
प्रवीन कुमार जैन ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी दुकानदार पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि जनहित में लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि यदि कुट्टू या सामक की रोटियां खाने के बाद उल्टी-दस्त, तेज पेट दर्द या अन्य परेशानी हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और समय रहते चिकित्सकीय सलाह लें।
उन्होंने कहा कि व्रत श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है, लेकिन स्वास्थ्य की रक्षा करना भी उतना ही जरूरी है। सभी श्रद्धालु सावधानी बरतें, स्वस्थ रहें और नवरात्रों को प्रसन्नता एवं भक्तिभाव के साथ मनाएं।

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