समाधान शिविर में गैर हाजिर रहने के विरुद्ध होगी अनुशासनात्मक कार्यवाही: उपायुक्त।
-अधिकारी शिविर में रखें निष्ठा और समय का ध्यान।
-अधिकारी शिविर में आधा घण्टा पहले पहुंचना सुनिश्चित करें: नगराधीश।
-रोजाना आधा घण्टा समाधान शिविर में आई समस्याओं पर अधिकारी के साथ करेंगे समीक्षा बैठक।
-समाधान शिविर में पहुंची 325 समस्याएं, 170 का मौके पर हुआ निदान
BOL PANIPAT , 12 जुलाई। राज्य सरकार की अनूठी पहल समाधान शिविर को और ज्यादा गति प्रदान करने के लिए प्रशासन की मजबूती व अधिकारियों की निष्ठा और समय की महत्ता काफी महत्व रखती है। समाधान शिविर में शिकायतकर्ताओं की शिकायत के समाधान के साथ-साथ अब अधिकारियों को भी शिविर के निर्धारित समय से आधा घंटा पहले पहुंचना होगा। उपायुक्त डॉ.वीरेन्द्र कुमार दहिया ने बताया कि नगराधीश द्वारा रोजाना आधा घण्टा शिविर में विभागों की शिकायतों की समीक्षा बैठक कर उन समस्याओं की गहनता पर विचार विमर्श किया जाएगा। जो समस्याएं शिकायतकर्ताओं द्वारा रोजाना प्रशासन के समक्ष रखी जाती है।
उपायुक्त ने बताया कि इन शिविरों में जो शेड्यूल जारी किया गया है,उसमें समाधान शिविर में शत प्रतिशत अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है। जो अधिकारी 10 बजे के बाद शिविर में पहुंचते है उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी और उन्हें शिविर में अलग रो में बैठाया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि कई अधिकारी शिविर में स्वयं उपस्थित न होकर विभाग के किसी अन्य अधिकारी को भेज देते है। इससे शिविर की कार्य प्रणाली प्रभावित है व सरकार की निष्ठा पर सवाल उठते हैं।
उपायुक्त ने बताया कि समाधान शिविर के प्रति लोगों का विश्वास रोजाना बढ़ रहा है। लोग समस्या लेकर समाधान के लिए सचिवालय पहुंचते हैं। अगर उन्हें समाधान नजर नहीं आता तो इससे प्रशासन की प्रतिष्ठïा भी कमजोर पड़ती है। उपायुक्त ने अधिकारियों को साफ तौर पर कहा कि वे स्टेशन छोडऩे से पहले उन्हें सूचित करें व बाहर जाने का कारण बताएं। जो अधिकारी बगैर किसी सूचना के स्टेशन छोड़ते है उन पर ठोस कार्यवाही की जाएगी।
शिविर में शिकायतकर्ता इंद्रो वासी किशन पुरा ने प्रशासन से प्रार्थना की कि मैंने अपनी लड़की की शादी की फाइल लगाई थी जिसमें उन्हें वित्तीय सहायता तो मिल गई लेकिन कन्यादान अभी खुली नहीं है। उन्होंने प्रशासन से कन्यादान की फाइल को री-ओपन करने की अपील की। शिविर में खोतपुरा डेरा की चारू ने मकान की मरम्मत कराने की अपील प्रशासन से की। उन्होंने उपायुक्त के सामने अपनी स्थिति प्रकट करते हुए कहा कि उनके मकान की छत जर्जर हालत में है। कभी भी गिर सकती है। कृपया करके मेरे मकान की जांच कर आर्थिक मदद प्रदान करने का कष्ट करें।
एक अन्य शिकायतकर्ता मोहम्मद नवाज ने बिजली विभाग से अनुरोध किया कि मेरे घर का बिजली बिल 1 लाख 5 हजार रुपए आया हुआ है। मेरी स्थिति इतना बिल पे करने की नहीं है। मेरी प्रशासन से अपील है कि उसे माफ किया जाए। उपायुक्त ने संदर्भ में संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस पर संज्ञान ले।
एक अन्य शिकायतकर्ता विकास आहूजा ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति द्वारा हाउसिंग बोर्ड की अवहेलना की जा रही है जिससे आस पास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर उपायुक्त ने ठोस कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एडीसी पंकज यादव, पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत, एसडीओ मनदीप सिंह, निगम संयुक्त कमिश्नर मनी त्यागी, सीटीएम टीनू पोसवाल, सिविल सर्जन जयंत आहुजा, बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता विशाल गोयत, एसडीएम मनदीप सिंह, कृषि विभाग के उपनिदेशक आत्मा राम गोदारा, डीआरओ रणविजय सिंह सुल्तानिया, चीफ इंजीनियर राजकुमार, जिला रोजगार अधिकारी रितू चहल व सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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