आर्य कॉलेज में आयोजित 49वें जोनल यूथ फेस्टिवल में संध्याकालीन विधाओं का अवलोकन करने पहुंचे शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
रुकना नहीं, थकना नहीं, निरंतर आगे बढ़ते रहना है—49वें जोनल यूथ फेस्टिवल में बोले शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा –आर्य पीजी कॉलेज की व्यवस्थाओं और प्रबंधन की शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने की सराहना, बोले—युवाओं की प्रतिभा से साकार होगा विकसित भारत का सपना
BOL PANIPAT – वीरवार 15 अक्टूबर 2026, आर्य पीजी कॉलेज, पानीपत में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग द्वारा आयोजित 49वें जोनल यूथ फेस्टिवल में हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने शिरकत की। इस अवसर पर पानीपत के उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ भी मौजूद रहे। शिक्षा मंत्री ने संध्याकालीन सांस्कृतिक विधाओं का अवलोकन किया और विद्यार्थियों की प्रतिभा एवं कलात्मक प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने आर्य पीजी कॉलेज द्वारा उत्सव के आयोजन, व्यवस्थाओं और कॉलेज प्रबंधन की भी जमकर प्रशंसा की।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि आर्य पीजी कॉलेज ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान किया है। इस प्रकार के आयोजन युवाओं के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास और रचनात्मकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं और प्रबंधन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक उत्सव शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों की छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने का अवसर प्रदान करते हैं।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्हें अपनी प्रतिभा, निपुणता, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर भारत को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने में योगदान देना चाहिए। विद्यार्थियों की ऊर्जा, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने स्तर पर निरंतर प्रयास करना होगा। युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हुए आगे बढ़ना चाहिए और जीवन में आने वाली चुनौतियों से घबराना नहीं चाहिए।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमें अपने महापुरुषों के जीवन, आदर्शों और संघर्षों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। सफलता प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर मेहनत जरूरी है। हमें न रुकना है और न ही अपने लक्ष्य से पीछे हटना है, बल्कि हर परिस्थिति में आगे बढ़ते रहना है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिक्षा, संस्कृति, नवाचार और राष्ट्र सेवा के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

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