Wednesday, April 29, 2026
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फर्जी डीएसपी गिरफ्तार, यूनिवर्सिटी में सिक्योरिटी का टेंडर दिलाने के नाम पर 11.46लाख की ठगी की थी.

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat , at June 25, 2025 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : 25 जून 2025, पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए पानीपत पुलिस टीम ने फर्जी डीएसपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सुमित आहूजा निवासी आठ मरला के रूप में हुई है। आरोपी फर्जी डीएसपी ने सिक्योरिटी एजेंसी संचालक को पंजाब यूनिवर्सिटी में सिक्योरिटी का टेंडर दिलाने के नाम पर उससे 11.46लाख रुपए की ठगी की थी। आरोपी ने स्वयं को इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो पंचकूला में डीएसपी व पत्नी को माननीय उच्च न्यायालय पंजाब एवं हरियाणा चंडीगढ़ में कार्यरत अधिकारी बताया था।

उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सतीश वत्स ने बुधवार को जिला सचिवालय स्थित पुलिस विभाग के सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दत्ता कॉलोनी निवासी अमित शर्मा ने शिकायत देकर बताया था उसका एवी सिक्योरिटी सर्विस के नाम से माडल टाउन में ऑफिस है। वह सिक्योरिटी के लिए मैनपावर उपलब्ध कराने का काम करता है। जाटल रोड नहर के पास स्थित कार वर्ल्ड पर वह अपनी गाड़ी की सर्विस कराने के लिए गया था। वहा उसकी सुमित आहूजा व उसकी पत्नी तनवीर संधु से मुलाकात हुई। तनवीर संधु ने अपने आप को डीएसपी बताते हुए इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो पंचकूला में तैनाती बताई व तनवीर संधू ने अपने आप को माननीय उच्च न्यायालय पंजाब एवं हरियाण चंडीगढ़ में कार्यरत अधिकारी बताया। उसने दंपत्ती की बातों पर विश्वास कर लिया।
5 जनवरी 2025 को उसका सेविंग अकाउंट सीज हो गया उसने सुमित आहूजा से बात की। सुमित आहूजा उसके सामने अपने मोबाइल में डीसीपी साउथ जोन मुंबई के नाम से सेव नंबर पर बात की। इसके अगले दिन किसी वकील से भी बात होने बारे कहा। काम होने का आश्वासन देकर फीस  के नाम पर उस से खाते में 40 हजार रुपए ट्रांसफर करवा ले लिए।
इसके बाद 14 जनवरी 2025 को सुमित आहूजा ने उसके पास फोन कर कहा पंजाब यूनिवर्सिटी में सिक्योरिटी में 4 हजार व्यक्तियों का टेंडर आया है। यूनिवर्सिटी का डायरेक्टर उसके परिवार का आदमी है। उसको सिक्योरिटी का टेंडर दिलवाने की बात कह दस्तावेजों की लिस्ट भेज दी।
टेंडर की बातचीत  करने का झांसा देकर चंडीगढ़ स्थित पंजाब लघु सचिवालय  में चलने की बात कहकर 22 जनवरी 2025 को उसको अपने साथ चंडीगढ़ ले गया। वहा उसको गाड़ी में बैठाकर स्वयं अंदर चला गया और कुछ देर बाद बाहर आकर कहा बात हो गई है, 11 लाख रूपए आज ही देने होंगे। उसने पैसे बारे असमर्थता जताई तो सुमित आहूजा ने कहा वह अपने पास से आज पैसे दे देगा तुम कल दे देना। देर रात पानीपत पहुंचे तो दोस्त रॉबिन से 7.50लाख रुपए लेकर सुमित आहूजा को दे दिए। बाकी के 3.50 लाख रुपए 23 जनवरी को आढ़ती से लेकर दे दिए। इसके अतिरिक्त टेंडर की फीस के नाम पर 6 हजार रुपए खाते में ट्रांसफर करवा लिए। पैसे देने के बाद उसने काम के बारे में पूछा तो बहाने बनाने शुरू कर दिए। इसके बाद उसको सुमित आहुजा पर शक हुआ। बाद में सुमित आहूजा ने बड़े अधिकारियों के साथ अपनी जान पहचान होने की बात कहकर धमकाना शुरू कर दिया और सब कुछ भूल जाने के लिए कहा। वह माडल टाउन स्थित सावन पार्क में आरोपी के ठिकाने  पर गए तो मकान मालिक ने बताया दंपत्ती किराये पर रहते है और कई दिन से नहीं आए है। आरोपी दंपत्ती ने झांसे में लेकर उससे उक्त राशि की ठगी कर ली। अमित की शिकायत पर आरोपी दंपत्ती के खिलाफ थाना पुराना औद्योगिक में धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई थी।

उप पुलिस अधीक्षक सतीश वत्स में ने बताया कि पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीआईए टू प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार की टीम को सौंपी थी। पुलिस टीम आरोपी को पकड़ने के लिए उसके संभावित ठिकानों  पर दबिश दे रही थी। टीम ने बुधवार को मिली गुप्त सूचना पर दबिश देकर आरोपी सुमित आहूजा को आठ मरला से गिरफ्तार किया।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने फर्जी डीएसपी ठगी करने की उक्त वारदात को अंजाम देने बारे स्वीकारा।
मामले में आरोपी पत्नी तनवीर संधू ने माननीय उच्च न्यायालय से अपनी अग्रिम जमानत करवाई हुई है, जिसको बीते अप्रैल माह में शामिल जांच कर गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस वीरवार को आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेगी। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी ने गहनता से पूछताछ करने के साथ ही ठगी की नगदी बरामद करने का प्रयास करेंगी।

उप पुलिस अधीक्षक सतीश वत्स ने बताया कि आरोपी सुमित आहूजा के खिलाफ धोखाधड़ी का एक अन्य मामला करनाल जिले के रामनगर थाना में दर्ज है। आरोपी ने करनाल की एक कॉलोनी निवासी युवक को विदेश भेजने के नाम पर 12 लाख रूपए की ठगी की थी।

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