Thursday, October 8, 2026
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कृषि विज्ञान केंद्र उझा में किसान वैज्ञानिक संवाद शिविर आयोजित, 60 से अधिक किसानों ने लिया भाग

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at October 8, 2026 Tags: , , , ,

गन्ना बिजाई की उन्नत तकनीकों से बढ़ेगा उत्पादन

किसानों को मिलेगा 5 हजार  रुपए प्रति एकड़ तक अनुदान

फसल अवशेष प्रबंधन और पराली न जलाने के प्रति किसानों को किया जागरूक

कृषि यंत्रों पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी

BOL PANIPAT , 8 अक्टूबर। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के गन्ना अनुभाग इकाई द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), उझा में एक दिवसीय गन्ना तकनीकी परियोजना के अंतर्गत किसान-वैज्ञानिक संवाद शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में किसानों को गन्ने की बिजाई से लेकर कटाई तक की उन्नत तकनीकों, सरकारी अनुदान योजनाओं, फसल अवशेष प्रबंधन तथा कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि निरीक्षक मुस्तकीम अहमद ने की। शिविर में मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान केंद्र, उझा के सीनियर को ऑर्डिनेटर डॉ. सतपाल सिंह ने किसानों को गन्ने की बिजाई से लेकर कटाई तक अपनाई जाने वाली उन्नत तकनीकों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने गन्ने की खेती में वैज्ञानिक विधियों को अपनाने से संबंधित तकनीकी पहलुओं से किसानों को अवगत कराया।

सहायक गन्ना विकास अधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने वर्ष 2026-27 की गन्ना तकनीकी परियोजना के तहत मिलने वाले सरकारी अनुदानों की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा अनुशंसित उन्नत गन्ना किस्मों की वैज्ञानिक विधि से बीज नर्सरी तैयार करने पर किसानों को 5,000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा चौड़ी खूड़ विधि (4 फुट) एवं एकल आंख विधि (सिंगल बड मेथड) से गन्ने की बिजाई करने पर भी 5,000 रुपए प्रति एकड़ की अनुदान राशि दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का लाभ लेने के इच्छुक किसान 31 दिसंबर तक विभागीय पोर्टल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटएग्रीहरियाणाडॉटजीओवीडॉटइन पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल का पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वरिष्ठ वैज्ञानिक अलका ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन और पराली न जलाने के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि फसल अवशेषों को खेतों में ही मिलाने से मृदा स्वास्थ्य में सुधार होता है और पर्यावरण प्रदूषण में कमी आती है।

सहायक कृषि अभियंता डॉ. सुधीर कुमार ने कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग की योजना के तहत नौ प्रकार के कृषि यंत्रों पर किसानों को 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इनमें गन्ना सेट ट्रीटमेंट डिवाइस, पावर वीडर, रटून मैनेजर, रोटावेटर, ट्रैक्टर चालित स्प्रेयर, सब-सॉयलर, गन्ना कटर, रीपर एवं मिनी ट्रैक्टर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन कृषि यंत्रों पर अनुदान प्राप्त करने के इच्छुक किसान 31 अक्टूबर तक विभागीय पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।

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