Tuesday, May 19, 2026
Newspaper and Magzine


किसान 31 जुलाई तक नजदीकी बैंक में करवा सकते है प्रधान मंत्री फसल का बीमा: उपायुक्त डॉक्टर विरेंदर कुमार दहिया

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at July 6, 2025 Tags: , , , , , ,

-फसल बीमा योजना का लाभ लेने को लेकर किसानों को जमीन की फर्द करनी होगी जमा: सहायक सांख्यिकी अधिकारी हरबंस

BOL PANIPAT , 6 जुलाई। उपायुक्त डॉक्टर विरेंदर कुमार दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि किसान 31 जुलाई तक नजदीकी बैंक में सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का बीमा करवा सकते है। यह योजना किसानों की आपात स्थिति में लाभ प्रदान करेगी।
विभाग के सहायक सांख्यिकी अधिकारी हरबंस ने बताया कि किसानों को गैर ऋृणी श्रेणी मे बीमा करवाने के लिए जमीन की फर्द आधार कार्ड प्रति, फसल बिजाई का प्रमाण पत्र अनिवार्य है। इसके अलावा जिन किसानों ने जमीन पट्टे/ठेके पर ले रखी है वे किसान बीमा करवाने के लिए जमीन की फरद आधार कार्ड की प्रति फसल बिजाई का प्रमाण पत्र के अलावा जमीन के मालिक से लिया गया एफिडेविट सीएससी पर जमा करवाकर प्रति एकड़ (ऊपर विर्णत) प्रिमियम राशि का भुगतान करके अपनी फसल का बीमा करवा सकते है।
योजना के तहत किसान अपनी फसल का बीमा अपने संबन्धित बैंक व नजदीकी सेंटर से 31 जुलाई 2025 तक करवा सकते है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत स्थानीय आपदा के अन्तर्गत खड़ी फसल के दौरान भारी बारिश से जलभराव, बादल फटना व औलावृष्टि की स्थिति में फसल में नुकसान होने पर किसानों को व्यक्तिगत रूप से आपदा घटित होने के 72 घण्टे के अन्दर-अन्दर आवेदन स्वयं पीएमयू के मार्फत करना होगा। 72 घण्टे के बाद पीएमयू पर अपलोड किए गए आवेदन स्वीकार नही किए जंाएगे।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा किसान कृषि रक्षक पोर्टल हेल्पलाईन न 14447 के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते है। निर्धारित समय सीमा में प्राप्त बीमित किसानों के आवेदनों का सर्वे 15 दिन के अन्दर-अन्दर करवा कर बीमा कम्पनी क्लेम अदा कर देती है। धान फसल के लिए स्थानीय आपदा के तहत रिस्क कवरेज नहीं दिया जा सकता।
सहायक सांख्यिकी अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा कृषि विभाग द्वारा दोनों सीजन में सभी नोटिफाईड फसलों पर चार-चार फसल कटाई प्रयोग संचालित किए जाते है जो गाँव में बिजी गई फसल की उपलब्धता पर निर्भर करती है। इस प्रकार फसल कटाई प्रयोग के आधार पर आई औसत पैदावार को सरकार द्वारा पूर्व निर्धारित थ्रैशोल्ड उपज की तुलना की जाती है। औसत पैदावार, थ्रैशोल्ड उपज में जिस अनुपात में कम रहती है, उसके मुताबिक उस गाँव में उस फसल विशेष के लिए बीमित सभी किसानों का बीमा क्लेम देने का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि फसल की कटाई के उपरान्त यदि किसान ने फसल को खेत में सूखने के लिए कट एण्ड स्प्रीड रूप में छोड़ रखा है तथा स्थानीय आपदा जैसे आँधी – तृफान, औलावृष्टि चक्रवात, चक्रवात वर्षा, जलभराव की स्थिति में किसान कटाई के 14 दिन बाद तक क्लेम का दावा कर सकता है लेकिन इसके लिए भी किसान को 72 घण्टे के अन्दर – अन्दर आवेदन स्वयं पीएमयू के मार्फत करना होगा। 72 घण्टे बीत जाने के बाद किए गए आवेदन बीमा कम्पनी द्वारा रद्द कर दिए जाऐगे। सर्वे रिपोर्ट में दर्शाए गए नुकसान के अनुसार बीमा कम्पनी के द्वारा किसान को मुआवजे का भुगतान कर दिया जाता है।

Comments