Tuesday, October 13, 2026
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गन्ने की उन्नत खेती अपनाएं किसान, प्रति एकड़ 5 हजार रुपये तक अनुदान का लाभ उठाएं

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at October 13, 2026 Tags: , , , ,

फसल अवशेष न जलाकर मिट्टी की सेहत सुधारें, कृषि यंत्रों पर भी मिलेगा 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान

BOL PANIPAT , 13 अक्टूबर। उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ के निर्देशानुसार किसानों की आमदनी बढ़ाने, गन्ने की पैदावार में सुधार करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के गन्ना अनुभाग की ओर से गांव नवादा आर, तहसील बापौली में मंगलवार को एक दिवसीय किसान गोष्ठी शिविर का आयोजन किया गया। गन्ना तकनीकी परियोजना के अंतर्गत आयोजित इस गोष्ठी में किसानों को गन्ने की उन्नत खेती, फसल अवशेष प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा सरकारी अनुदान योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई।    

    गोष्ठी में आसपास के गांवों के 60 से अधिक किसानों ने भाग लेकर कृषि विशेषज्ञों से तकनीकी जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का मंच संचालन कृषि निरीक्षक मुस्तकीम अहमद ने किया। गोष्ठी में मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान केंद्र, उझा के सीनियर कोऑर्डिनेटर डॉ. सतपाल सिंह ने गन्ने की फसल में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी से उत्पन्न होने वाले लक्षणों, विभिन्न बीमारियों की पहचान और उनके प्रभावी उपचार के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर फसल की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया।

    सहायक गन्ना विकास अधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने वर्ष 2026-27 की गन्ना तकनीकी परियोजना के तहत किसानों को मिलने वाली अनुदान योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा अनुशंसित उन्नत गन्ना किस्मों की वैज्ञानिक विधि से बीज नर्सरी तैयार करने पर किसानों को 5,000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा चौड़ी खूड़ विधि (चार फुट) तथा एकल आंख विधि से गन्ने की बिजाई करने पर भी 5,000 रुपये प्रति एकड़ की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।

उन्होंने गन्ने की फसल को टॉप बोरर कीट से बचाने के लिए ट्राइको कार्ड और फेरोमोन ट्रैप के उपयोग के प्रति भी किसानों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि इन उपायों से कीट नियंत्रण में सहायता मिलती है और फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है।

    डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि इन अनुदान योजनाओं का लाभ लेने के इच्छुक किसान 31 दिसंबर  तक कृषि विभाग के पोर्टल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटएग्रीहरियाणाडॉटजीओवीडॉटइन पर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर संबंधित फसल का पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।

  कृषि निरीक्षक मुस्तकीम अहमद ने किसानों को कृषि यंत्रों पर मिलने वाले सरकारी अनुदान की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग की योजना के तहत नौ प्रकार के कृषि यंत्रों की खरीद पर 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इनमें गन्ना सेट ट्रीटमेंट डिवाइस, पावर वीडर, रटून मैनेजर, रोटावेटर, ट्रैक्टर चालित स्प्रेयर, सब-सॉयलर, गन्ना कटर, रीपर और मिनी ट्रैक्टर शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि कृषि यंत्रों पर अनुदान प्राप्त करने के इच्छुक किसान 31 अक्टूबर तक विभागीय पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाएं। गोष्ठी के दौरान किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।    

    कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि फसल अवशेषों को जलाने के बजाय खेत में मिलाने से मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार होता है और पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में मदद मिलती है। किसानों को पराली न जलाने तथा पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस किसान-वैज्ञानिक संवाद के माध्यम से किसानों को खेती की आधुनिक तकनीकों, कीट एवं रोग नियंत्रण, फसल अवशेष प्रबंधन और विभिन्न सरकारी अनुदान योजनाओं की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।

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