किसान जनवरी माह में फसलों की बिजाई करके ले भरपूर फायदा.
अधिक उत्पादन के लिए किसान करें लो टनल तकनीक का प्रयोग
BOL PANIPAT , 9 दिसंबर। जिला उद्यान अधिकारी ने डॉ. शार्दूल शंकर ने बताया कि अगर सही समय पर सब्जियों की बुआई की जाये तो किसान बेहतर उत्पादन प्राप्त कर भरपूर फायदा ले सकते हैं। पहले किसान सब्जी के लिए खेत की अच्छी प्रकार से तैयारी करें और इसके लिए अच्छी किस्मों का चयन करें। किसान जनवरी माह में मूली,प्याज, भिण्डी, गीया, शिमला मिर्च, तौरी की खेती कर सकते हैं। किसान इस बात का ध्यान रखें की फसल को पाले की मार ना पड़े अत बचाव के लिए हल्की सिंचाई जरूर करें। खेती में अधिक उत्पादन के लिए लो टनल तकनीक का प्रयोग करना चाहिये।
उन्होंने बताया कि सब्जियों की खेती का बढाव़ा देने के लिए बागवानी विभाग द्वारा किसानों को विभिन्न विभागिय स्कीमों के तहत आई.एच.डी.तथा एस. सी.एस.पी. स्कीम के तहत 50 से 85 प्रतिशत अनुदान राशि दी जाती है। विभाग द्वारा प्रति किसान 5 एकड़ क्षेत्र तक (वन टाईम) सब्जियां उगाने से 15,000(सामान्य) से 25,500 (एस.सी.) रुपये प्रति एकड़ अनुदान राशि दी जाती है।
किसान स्कीमों का लाभ लेने के लिय स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं या सी.एस.सी. केंद्र पर जाकर मेरी फसल मेरी ब्यौरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त किसानों को अनुदान राशि पहले आओ -पहले पाओ के आधार पर दी जाएगी।
जिला उद्यान अधिकारी ने डॉ. शार्दूल शंकर ने बताया कि प्याज की रोपाई 17 जनवरी तक की जा सकती है। किसान इस फसल के लिए सिंचाई के साधन के अनुसार क्यारियां तैयार करें। तैयार क्यारियों में कुछ दूरी पर रोपाई करें। ध्यान रहे रोपाई सांयकाल के समय करना उचित रहता है। रोपाई के तुरंत बाद सिंचाई करें।
उन्होंने बताया कि भिंडी की बुआई के लिए जनवरी माह उपयुक्त है। किसान क्षेत्र के अनुकूल उन्नत किस्म का चुनाव कर इसकी बुवाई कर सकते हैं। सामान्य तय इसकी बुवाई करते समय लाइन से लाइन की दूरी 4.5 सेमी तथा बीज से बीज की दूरी 60 सेमी रखी जाती है।

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