Wednesday, April 29, 2026
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फसल अवशेष जलने वाले किसानों पर होगा एफआईआर दर्ज़–उपायुक्त डॉक्टर विरेंदर कुमार दहिया


-किसानों से बोले डीसी एक-एक दाना खरीदा जाएगा, बाबरपुर मंडी का किया निरीक्षण

-पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने मंडी में सुरक्षा के इंतजाम जांचे

-सरकार की ओर से अवशेष प्रबंधन को लेकर
1200 रुपए प्रति एकड़ की अनूठी योजना, अवशेष जलाने पर होगी सख्त कार्रवाई

BOL PANIPAT , 2 अक्टूबर। जीटी रोड़ स्थित जिले की बाबरपुर अनाज मंडी में धान की आवक का सिलसिला शुरू हो चुका है। मंडी में किसानों की लंबी-लंबी ढेरियों के साथ झरनों की आवाज दूर तक सुनाई देने लगी है। गुरुवार को उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया और पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने बाबरपुर अनाज मंडी का निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद किसानों से सीधी बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने साफ कहा कि “किसानों की मेहनत का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। मंडी में आने वाले किसी भी किसान को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।” उन्होंने खरीद एजेंसियों को निर्देश दिए कि जिस दिन किसान की फसल मंडी में पहुंचे, उसी दिन उसकी परचेजिंग हो और धान की फसल का तत्काल उठान सुनिश्चित किया जाए ताकि मंडी में जगह बनी रहे।
उपायुक्त डॉ. दहिया ने कहा कि जिले में धान में यदि 17% तक मॉइश्चर पाया जाता है, तो किसान से बात कर उसकी फसल खरीदी जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मॉइश्चर की समस्या को लेकर किसानों को सही जानकारी दी जाए और इस दिशा में राहतकारी कदम उठाए जाएं। डीसी ने बताया कि जिले में इस बार 1,85,000 एकड़ में धान की बिजाई हुई है, जिसमें 1,70,000 एकड़ में पीआर और 15,000 एकड़ में परमल धान की खेती की गई है।
निरीक्षण के दौरान एक किसान ने उप उपायुक्त से शिकायत की कि उसकी फसल का पंजीकरण नहीं हुआ है। इस पर उपायुक्त ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे किसानों का डाटा इकट्ठा कर लिया जाए और उनका पंजीकरण करवाया जाए ताकि वे भी अपनी फसल बेच सकें। डीसी ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि मंडियों में किसी भी किसान को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उपायुक्त के समक्ष
किसानों ने मंडी में मिलरों की अनुपलब्धता की समस्या भी उठाई, जिस पर उपायुक्त ने घरौंडा के एसडीएम राजेश सोनी से फोन पर बातचीत कर समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसल की खरीद हो चुकी है, उनकी धान का तत्काल उठान किया जाए ताकि अन्य किसानों को स्थान की कमी न हो।

उपायुक्त डॉ. दहिया ने किसानों से अपील की कि वे धान के अवशेष (पराली) को न जलाएं। उन्होंने बताया कि सरकार ने अवशेष प्रबंधन के लिए बेलर (मशीनें) भी उपलब्ध करवाई हैं और इसके साथ-साथ प्रति एकड़ 1200 रुपए की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। यह योजना किसानों को आर्थिक राहत देने के साथ पर्यावरण की सुरक्षा का भी काम करेगी।
डीसी ने सख्त लहजे में कहा कि, “जो किसान सरकार की नीतियों का उल्लंघन कर फसल अवशेष जलाएंगे, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी पड़ेगी।” उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई मजबूरी में करनी होगी क्योंकि पराली जलाने से प्रदूषण फैलता है और आमजन के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने भी कई ढेरियों पर जाकर किसानों से बातचीत की और मंडी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उन्हें आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि मंडी में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो।
मार्केट कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष अवतार सिंह शास्त्री ने जानकारी दी कि मंडी में अब तक 150 मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद हो चुकी है, जिसमें से 60 मीट्रिक टन का उठान पूरा हो चुका है, और 90 मीट्रिक टन का उठान शाम तक कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंडी में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रबंध किए गए हैं और हर किसान की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा।
निरीक्षण के दौरान मार्केट कमेटी सचिव आशा रानी, वेयरहाउस मैनेजर धीरपाल कौशिक, असिस्टेंट सचिव निशा देवी, सतीश राणा, सहित बड़ी संख्या में किसान व अधिकारी उपस्थित रहे।
किसानों ने प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि इस बार मंडी में खरीद प्रक्रिया पारदर्शी और तेज़ होगी।
सरकार की ओर से पराली प्रबंधन के लिए किसानों को बेलर मशीनें और 1200 रुपये प्रति एकड़ की सहायता राशि दी जा रही है। यह योजना न केवल किसानों को आर्थिक मदद देगी, बल्कि प्रदूषण को रोकने में भी कारगर सिद्ध होगी। किसानों को चाहिए कि वे इस योजना का लाभ उठाएं और पराली जलाने से बचें।
इस मौके पर मार्केट कमेटी सचिव आशा रानी, वेयरहाउस के मैनेजर धीरपाल कौशिक, असिस्टेंट सचिव निशा देवी, सतीश राणा के अलावा काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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