टीम सोशल मीडिया की निगरानी पर रखें विशेष फोकस: जिला निर्वाचन अधिकारी
-किसी के पक्ष या खिलाफ में नहीं चला सकते वीडियो, भ्रामक सामग्री का नहीं कर सकते प्रसारण
BOL PANIPAT, 2 सितंबर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर वीरेन्द्र दहिया ने संबंधित टीम के अधिकारियों को सोशल मीडिया की निगरानी पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सोशल मीडिया पर आने वाले विज्ञापनों का खर्चा भी संबंधित उम्मीदवार या पार्टी के खाते में जोड़ा जाएगा।
डीसी ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि अखबार, टेलीविजन व रेडियो की तरह सोशल मीडिया पर भी चुनाव के दौरान प्रचार किया जाता है, जिस पर राशि खर्च होती है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर जिला में गठित टीम इस बारे लोकसभा आम चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखें और किसी भी तरह का विज्ञापन मिलने पर उसकी रिपोर्ट खर्च के ब्यौरे सहित खर्चा निगरानी टीम को देना सुनिश्चित करें। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित उम्मीदवार या पार्टी के खाते में उस विज्ञापन का खर्चा जोड़ दिया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि विधानसभा आम चुनाव के दौरान सोशल मीडिया की निगरानी बहुत जरूरी है। सोशल मीडिया पर भी कई बार चुनाव के दौरान यूट्यूब वीडियो प्लेटफॉर्म आदि पर उम्मीदवार व पार्टी चुनाव का प्रचार करते हैं। निगरानी टीम को यदि ऐसे चैनल या वीडियो मिलते हैं जो किसी प्रत्याशी या राजनीतिक दल का समर्थन करते हो या जाति, धर्म विशेष के पक्ष में या कोई भ्रामक सामग्री दर्शाते हो या आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हों तो उस स्थिति में संबंधित यूट्यूब चैनल चलाने वाले के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करवाकर कार्यवाही की जाएगी।
चुनाव के दौरान मीडिया कर्मियों को निभानी चाहिए निष्पक्ष भूमिका
जिला निर्वाचन अधिकारी जिला निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर वीरेन्द्र कुमार दहिया ने बताया कि आदर्श आचार संहिता एक समान रूप से सभी लोगों पर लागू होती है, जिसमें समाचार पत्र, टेलीविजन, रेडियो और सोशल मीडिया भी शामिल है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार मीडिया के सभी माध्यमों में चुनाव में एक समानता होनी चाहिए। मीडिया मेें प्रकाशित या प्रसारित होने वाली खबर, किसी के पक्ष में या किसी के खिलाफ नहीं होनी चाहिए। ऐसी खबरें छापने या चलाने से परहेज किया जाए, जो किसी धर्म, जाति या समुदाय के पक्ष एवं विपक्ष में हों। साथ ही किसी भी खबर को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसकी पुष्टि कर लेनी चाहिए। सभी उम्मीदवारों एवं पार्टियों को एक समान स्थान देना चाहिए। साथ ही चुनाव के दौरान मीडिया कर्मियों को निष्पक्ष भूमिका निभाते हुए भारत निर्वाचन आयोग के सभी निर्देशों का पालन करना चाहिए।

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