गणपति महोत्सव का श्रद्धापूर्वक समापन, महाआरती एवं भंडारे का आयोजन : प्रवीन जैन
BOL PANIPAT : हर वर्ष की भाती समाज सेवा संगठन अध्यक्ष प्रवीन कुमार जैन के निवास स्थान पर गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर प्रारंभ किए गए गणपति महोत्सव का आज श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ समापन किया गया। इस अवसर पर भगवान श्री गणेश जी को विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक स्नान करवाकर घर के मंदिर में विधिवत विराजमान कराया गया जैन ने कहा
धार्मिक मान्यताओं में भगवान श्री गणेश को विघ्नहर्ता, मंगलकर्ता एवं बुद्धि-सिद्धि के दाता माना गया है। किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश का स्मरण एवं पूजन करने की परंपरा है। गणपति आराधना के माध्यम से परिवार एवं समाज की सुख-शांति, समृद्धि और मंगल की कामना की गई।
प्रवीन जैन ने कहा आज के समय में रासायनिक रंगों, प्लास्टर ऑफ पेरिस तथा अन्य गैर-प्राकृतिक सामग्री से बनी मूर्तियों का जल में विसर्जन करने से जल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और जलीय जीव-जंतुओं तथा प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंच सकता है। धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति की रक्षा करना भी हमारी जिम्मेदारी है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए गणपति जी को विसर्जित करने के बजाय स्नान करवाकर घर के मंदिर में विधिवत विराजमान कराया गया, ताकि भक्ति के साथ पर्यावरण और जल में रहने वाले जीवों की सुरक्षा का संदेश भी समाज तक पहुंचे।
इसके पश्चात भगवान श्री गणेश जी की भव्य महाआरती की गई। श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक आरती में भाग लेकर गणपति बप्पा के जयकारे लगाए तथा सभी के सुख, शांति, स्वास्थ्य एवं समृद्धि की मंगलकामना की।
महाआरती के पश्चात भंडारे का आयोजन कर श्रद्धालुओं एवं उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर समाज सेवा संगठन अध्यक्ष श्री प्रवीन कुमार जैन ने कहा कि धार्मिक पर्व हमें केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि सेवा, सद्भाव, संस्कार और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी देते हैं। भगवान श्री गणेश विघ्नहर्ता हैं और हमें ऐसे कार्य करने चाहिए जिनसे किसी जीव, प्रकृति या जल को अनावश्यक नुकसान न पहुंचे। “भक्ति भी रहे और प्रकृति भी बचे”, यही इस आयोजन का संदेश है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सभी श्रद्धालुओं एवं कीर्तन मंडली का आभार व्यक्त किया गया।

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