Saturday, April 18, 2026
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गुरू वो सुनाता है जो आपके लिए अच्छा होता है: स्वामी दयानन्द सरस्वती

By LALIT SHARMA , in RELIGIOUS , at March 20, 2023 Tags: , , ,

BOL PANIPAT : श्री संत द्वारा हरि मन्दिर, निकट सेठी चौक, पानीपत के प्रांगण में नव विक्रमी सम्वत 2080 के उपलक्ष्य के अवसर पर परम पूज्य 1008 स्वामी दयानन्द सरस्वती जी महाराज (मुरथल वाले) की अध्यक्षता में सप्ताह भर चलने वाले संत समागम कार्यक्रम के छठे दिन महाराज श्री ने प्रवचन करते हुए कहा कि सुनने से सब कुछ प्राप्त होता है बोलने वाले सोचते हैं हम सब जानते हैं लेकिन सुनने वाला भी बहुत ज्ञानी होता है। गुरू वो सुनाता है जो आपके लिए अच्छा होता है। परमात्मा वो करता है जो आपके लिए अच्छा होता है। लेकिन हम सुनते नहीं। गुरूनानक देव जी कहते हैं भगवान को पाने के लिए अपने-आप को समाप्त करना पड़ता है। उसमें डूबना पड़ता है। जब इंसान में एक ओंकार सतनाम आता है तब इंसान के अंदर सब कुछ समाप्त हो जाता है और सत अंदर रह जाता है। पाप, वैरभाव, ईर्ष्या आदि दुर्गण बाहर निकल जाते हैं, तब परमात्मा और इंसान में कोई फर्क नहीं रह जाता। संत समागम में गुरूद्वारा शाह साहब से पहुँचे गद्दीनशीन गुरविंदर शाह साहिब जी ने अपने प्रवचनों में कहा कि कोई व्यक्ति अगर रास्ता पूछे और उस पर यात्रा न करे तो क्या वह कभी मंजिल तक पहुँच सकता है, कभी नहीं। उसी प्रकार लोग गुरू के पास भगवान तक जाने का मार्ग पूछने आते हैं लेकिन उस पर कभी चलते नहीं, इसलिए वो कभी परमात्मा को प्राप्त नहीं कर पाते। हम कभी दिन भर बोले जाने वाले झूठ को लिखकर देखें तो पता चलेगा कि शाम तक हम न जाने कितनी बार झूठ बोल चुके होते हैं लेकिन सही मायने में धर्म सच को ही माना गया है। लोग कहते हैं बिजनेस झूठ के बगैर नहीं चलता तो यदि इस तर्क को मान भी लें तो बिजनेस के अलावा अन्य बातों में तो सच का प्रयोग करो। गुरू की पाठशाला में केवल हाजिरी लगाने मत आओ अन्दर से पढ़ाई भी करो। अगली कक्षा में वहीं जाता है जो पढ़ाई भी करता है केवल यहां आकर खाली बैठे रहें और तत्वचिंतन न करें तो गुरूघर में आना व्यर्थ ही माना जाएगा।
इससे पूर्व प्रसिद्ध समाजसेवी मुख्य अतिथि विपुल शाह ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि का स्वागत महाराज जी ने पगड़ी एवं माला पहनाकर किया।

इस अवसर पर प्रधान रमेश चुघ, चिंटू विज, गगन सेठी, अश्विनी नम्बरदार, हरनाम चुघ, अमरजीत सपड़ा, किशोर रामदेव, दर्शन रामदेव, पवन चुघ, किशन चुघ, उत्तम आहूजा, कर्म सिंह रामदेव, जगदीश जुनेजा, शाम सपड़ा, गोल्डी बांगा, हरनारायण जुनेजा, अमर वधवा, सुरेन्द्र जुनेजा, भव्य चुघ, ओमी चुघ, मोहन रामदेव, राघव चुघ, अमन रामदेव, शक्ति सिंह रेवड़ी, ईश्वर लाल रामदेव, सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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