भारतीय सेना के लिए आर्य कॉलेज में हुआ महा रक्तदान शिविर का आयोजन
-रक्तदान है महादान – अमित भंडारी
BOL PANIPAT – शुक्रवार 27 अक्तूबर 2023
शुक्रवार को आर्य पीजी कॉलेज में भारतीय सेना के लिए महारक्तदान शिविर और आंखों की जांच के कैंप का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर में आर्य कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ-साथ पानीपत शहर व गांव से आए व्यक्तियों ने भी रक्त दान कर इस हवन में आहुति डाल कर 154 यूनिट रक्त एकत्रित किया। आर्य कॉलेज प्रबंधक समिति के महासचिव सीए कमल किशोर ने जानकारी देते हुए बताया कि आर्य कॉलेज की एन.एस.एस.इकाई, रोटरी क्लब पानीपत रैनबो, श्री कैलाश सेवा समिति, पानीपत, आर्मड फोर्सस ट्रांसफ्यूजन सेंटर एचडीएफसी बैंक, पानीपत के संयुक्त तत्वावधान में महा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में रक्त दाताओं का उत्साह वर्धन के लिए मुख्य अतिथि के रूप में रोटरी क्लब पानीपत, रैनबो के प्रधान अमित भंडारी, सुमित मित्तल, अधिवकता रमेश गुप्ता, श्री कैलाश सेवा समिति से अशोक कैलाशी, कुलदीप गोयल, अरुण मोंगिया फोर्मर मेम्बर रोटरी क्लब पानीपत,रैनबो, विशिष्ट अतिथि राहुल विज, कैप्टन अनिल कौशिक, उद्योगपति व समाज सेवी राजीव जैन, राकेश अग्रवाल, मोहित अग्रवाल व एचडीएफसी बैंक पानीपत से विपिन वीरमणि ने शिरकत की। सीए कमल किशोर ने सभी अतिथियों का कॉलेज प्रांगण में पहुंचने पर पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। और साथ ही उन्होंने शिविर के सफल आयोजन के लिए कॉलेज की एन.एस.एस, इकाई के प्रभारी प्रो. विवेक गुप्ता व डॉ. मनीषा डुडेजा को बधाई दी। शिविर की अध्यक्षता कैप्टन अनिल कौशिक ने की

मुख्य अतिथि अमित भंडारी ने कहा कि रक्तदान कर हम जहां एक ओर किसी का जीवन बचाते हैं वहीं दूसरी ओर इससे जबर्दस्त आत्म संतुष्टि मिलती है। कई लोग रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियों के कारण रक्तदान करने से कतराते हैं जबकि इससे कोई हानि नहीं होती बल्कि कई प्रकार लाभ होते हैं। अत: हम सभी को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि राहुल विज ने अपने संबोधन में कहा कि रक्तदान महादान है, क्योंकि जब आप रक्तदान करते हैं तो सिर्फ अपना रक्त नहीं देते बल्कि एक या एक से अधिक लोगों को जीवनदान भी देते हो। जब रक्त किसी व्यक्ति को सीधे चढाया जाता है तो सिर्फ उसी व्यक्ति की जान बच रही होती है, जिसे आप रक्तदान कर रहे होते हैं लेकिन जब आप समय-समय पर रक्तदान करते हैं तो रक्त के अलावा रक्त से निकालकर आरबीसी और प्लाज्मा भी अलग-अलग लोगों को चढाया जा सकता है। यानी जिस जरूरत का रोगी होगा, उसे वही मिल जाएगा।
सीए किशोर ने अपने संबोधन में कहा कि रक्तदान को लेकर हमारे देश में कई तरह के जागरूकता अभियान और कैंपेन चलाए जाते हैं लेकिन फिर भी आवश्यकता के अनुरूप ब्लड रोगी को नहीं मिल पाता है। इसका कारण वे भ्रांतियां हैं जो लोगों के बीच रक्तदान को लेकर फैली हुई हैं। साथ ही उन फायदों की जानकारियों का भी अभाव है, जो रक्तदान के बाद हमारे शरीर को मिलते हैं। इसलिए हमें रक्तदान के लिए सही जानकारी प्राप्त करनी होगी और हर परिस्थिति में रक्तदान करना होगा। और रक्तदान की मुहिम को आगे बढ़ाने में युवाओं को अपनी अहम भूमिका निभानी होगी।
प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि रक्तदान एक ऐसी प्रथा को संदर्भित करता है जहां लोग लोगों को अपना रक्त दान करते हैं ताकि यह उनकी स्वास्थ्य समस्याओं में मदद कर सके। रक्त हमारे शरीर के सबसे आवश्यक तरल पदार्थों में से एक है, जो हमारे शरीर के सुचारू कामकाज में मदद करता है। यदि शरीर में अधिक मात्रा में खून की कमी हो जाए तो लोगों को घातक बीमारियाँ हो जाती हैं और उनकी मृत्यु भी हो जाती है। इस प्रकार, हम देखते हैं कि कैसे रक्तदान वस्तुतः जीवन-रक्षक है जो लोगों की मदद करता है। यह मानवता का भी प्रतीक है जो जाति, पंथ, धर्म आदि से परे लोगों को एकजुट करता है।
शिविर की अध्यक्षता कर रहे कैप्टन अनिल कौशिक ने कहा की आज का शिविर बहुत ही सफल रहा। आर्य कॉलेज की एन.एस.एस. इकाई का काम बहुत ही लाजवाब रहा बहुत से स्वयं सेवकों ने रक्तदान भी किया और शिविर की सारी व्यवस्था को बहुत ही अच्छे तरीके के संभाल कर रखा।
कॉलेज के एन.एस.एस. इकाई के प्रभारी विवेक गुप्ता व डॉ. मनीषा डुडेजा व नेहा बंसल ने जानकारी देते हुए बताया कि रक्तदान शिविर में स्वयंसेवकों के साथ-साथ कॉलेज के विद्यार्थियों ने भी बढचढ कर भाग लिया और 154 यूनिट रक्तदान एकत्रित किया।
इस अवसर पर आर्य कॉलेज के सभी स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।

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