सार्वभैमिक चेतना के साथ व्यक्तिगत चेतना का एक होना ही योग है: उपायुक्त
21 जून को शिवाजी स्टेडियम में होगा योग दिवस पर भव्य कार्यक्रम
BOL PANIPAT , 9 जून। उपायुक्त वीरेंद्र कुमार दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि योग सही तरह से जीने का विज्ञान है। यह हमारे जीवन से जुड़े भौतिक, मानसिक, आत्मिक और अध्यात्मिक सभी पहलुओं पर कार्य करता है। योग का अर्थ एकता या बांधना है। अध्यात्मिक स्तर पर इससे जुडऩे का मतलब है।
उपायुक्त वीरेन्द्र कुमार दहिया ने बताया कि आगामी 21 जून को शिवाजी स्टेडियम में अंतर्राष्टï्रीय योग दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सार्वभैमिक चेतना के साथ व्यक्तिगत चेतना का एक होना। व्यवहारिक स्तर पर योग शरीर, मन और भावनाओं को संतुलित करने और तालमेल बनाने का एक साधन है। योग जीने का एक तरीका भी है और परम उद्देश्य भी। हमें समय निकाल कर योग का नियमित अभ्यास करना चाहिये और प्रकृति के साथ जुडऩा चाहिये। सभी योगासनों के नाम पक्षियों के नाम के साथ है यानि जितनी पक्षियों की संख्या है उतने ही योग है।
उपायुक्त ने बताया कि योग का नियमित अभ्यास रक्तचाप और हृदय गति को नियंत्रित रखने में मदद करता है। योगा अभ्यास से शरीर को आराम मिलता है। बेहतर नींद प्राप्त करने में मदद करता है। आत्मविश्वास में सुधार होता है।
उपायुक्त ने बताया कि योग के नियमित अभ्यास से तनाव की समस्या से काफी हद तक निजात मिलती है। शरीर के समन्वय व एकाग्रता में सुधार होता है। योगी व्यक्ति प्रेम और ऊर्जा से भरा होता है।

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