हर हाल में रोकनी होगी अवैध माइनिंग, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
जिन गांवों में अवैध खनन की आशंका, वहां बढ़ाई जाए चौकसी, सरपंचों को भी किया जाए सतर्क
अवैध माइनिंग पर प्रशासन का कड़ा रुख, निगरानी बढ़ाकर दोषियों के खिलाफ दर्ज कराएं एफआईआर
खनन गतिविधियों पर पैनी नजर रखें अधिकारी, निर्धारित लक्ष्यों को हर हाल में करें पूरा
BOL PANIPAT , 4 नवंबर। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जिले में अवैध माइनिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ बुधवार को जिला सचिवालय स्थित सभागार में जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी की माइनिंग से संबंधित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में जिले में अवैध खनन के विरुद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की गई।
उपायुक्त ने कहा कि जिन गांवों में अवैध माइनिंग की गतिविधियां होने की आशंका है, वहां अधिकारी विशेष निगरानी रखें और नियमित रूप से गश्त करें। संबंधित गांवों के सरपंचों को भी इस संबंध में जागरूक एवं सतर्क किया जाए, ताकि अवैध खनन की किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन तक पहुंच सके। उपायुक्त डॉ हरीश ने निर्देश दिए कि अवैध माइनिंग पाए जाने पर नियमानुसार नोटिस जारी करने के साथ दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध माइनिंग पर रोक लगाने के लिए सभी विभाग आपसी तालमेल और पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। केवल कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि संबंधित क्षेत्र में दोबारा अवैध खनन न हो। इसके लिए संवेदनशील गांवों और क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए।
उन्होंने कहा कि खनन को लेकर निर्धारित लक्ष्यों को अधिकारियों को हर हाल में पूरा करना होगा। अपने दायित्वों के प्रति सजग रहते हुए अधिकारी पूरी गंभीरता, सक्रियता और जवाबदेही के साथ काम करें। बैठक में 1 जुलाई से 3 नवंबर 2026 तक जिले में अवैध माइनिंग के विरुद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। माइनिंग ऑफिसर सांची के अनुसार इस अवधि में कुल 38 वाहन जब्त किए गए। इनमें से दो वाहन जुर्माना अदा करने पर तथा चार वाहन डीजीएमजी/एसीएस के आदेश पर रिलीज किए गए। इस दौरान कुल 10 लाख 23 हजार 125 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया तथा अवैध माइनिंग के मामलों में 15 एफआईआर दर्ज की गईं। वहीं कुल 26 करोड़ 66 लाख 2 हजार 966 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
उपायुक्त ने कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में भी इसी गंभीरता और तत्परता से कार्य करें। अवैध खनन की शिकायतों को हल्के में न लें और प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि जिले में अवैध खनन की गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाना है। इसके लिए संबंधित विभाग अपनी निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई को और प्रभावी बनाएं। बैठक में एसडीएम मनदीप कुमार एसडीएम, समालखा अमित कुमार एसडीएम इसराना नवदीप, माइनिंग ऑफिसर सांची, डीएसपी विकास चहल, नगराधीश टीनू पोसवाल आदि मौजूद रहे।

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