Tuesday, January 13, 2026
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ऑनलाईन शिक्षा में बढ़ते साइबर हमले. जिला पुलिस ने जारी की एडवाइजरी।

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat , at April 4, 2022 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : 04 अप्रैल 2022, ऑनलाईन शिक्षा में बढ़ते साइबर हमले, जिला पुलिस ने जारी की एडवाइजरी। पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने यहा जानकारी देते हुए बताया कि तकनीकी के इस युग में ऑनलाइन शिक्षा का प्रचलन बढा है। विभिन्न स्कूल, कोचिंग सेंटर व शिक्षण संस्थानों द्वारा (जूम, गूगल मीट) इत्यादी के माध्यम से ऑनलाइन तैयारी करवाई जा रही है। साइबर ठग अब ऑनलाइन शिक्षा में सेंधमारी कर छात्रो व शिक्षकों के साथ ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे है। अगस्त 2021 में चेक प्वाइंट रिसर्च ने बताया कि भारत में शिक्षा क्षेत्र के संगठनों ने प्रति सप्ताह औसतन 5196 हमलों का अनुभव किया है।

पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने कहा कि साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूकता बेहतर उपाय है। साइबर ठगी से बचाने के लिए जिला पुलिस द्वारा समय समय पर विभिन्न प्रकार के जागरूकता अभियान चलाकर लोगो को जागरूक किया जा रहा है।

साइबर ठगों द्वारा निम्न प्रकार से दिया जा रहा वारदातों को अंजाम :

  1. साइबर ठग पीड़ितों को धोखा देने के लिए सोशल इंजीनियरिंग का प्रयोग करते है। उनके द्वारा प्रयोग की जाने वाली विधियां फिशिंग, पहचान की चोरी, बैंकिग धोखाधड़ी, कीलॉगर, एसएमएस स्पूफिंग पिक्चर मार्किग, कैमरा हैकिंग और अन्य कई हैं।
  2. साइबर ठग स्कूल, कोचिंग सेंटर व शिक्षण संस्थानों इत्यादि के जैसी वेबसाइट बनाकर लिंक भेजकर शामिल होने का आग्रह करते है। वहा से उनकी पर्सनल जानकारी चुराते है।
  3. साइबर ठग पीड़ितों को फर्जी मेल या लिंक भेजकर उनकों बरगलाते है कि स्कूल,कोचिंग सेंटर व शिक्षण संस्थान द्वारा यह भेजा गया है। ऐसे मेल का उपयोग निजी जानकारी चुराने या पिड़ितों को दुर्भावनापूर्ण अटैचमेंट डाउलनोड करने के लिए मनाने के लिए किया जाता है।
  4. इस तरह के दुर्भावनापूर्ण लिंक पर क्लिक करने पर यह पीड़ितों के उपकरणो को विभिन्न मैलवेयर से संक्रमित करता है और चोरी करता है।
  5. पीड़ित की चुराई गई निजी जानकारी का उपयोग करके ठगी की वारदात को अंजाम देते है।

निम्न सावधानियां बरते :

  1. मजबूत पासवर्ड का प्रयोग करे व किसी के भी साथ अपना पासवर्ड शेयर ना करे।
  2. एंटी मैलवेयर और एंटी वायरस सॉटवेयर अपडेट करके रखें व नेटवर्क को नियमति स्कैन करें।
  3. कक्षा सत्रों में उपयोग न होने पर डिवाइस कैमरों को कवर करके रखे।
  4. जारी किए गए उपकरणो और वेब लिंक की सुरक्षा से संबधित प्रशनों के लिए अपने स्कूल कोचिंग सेंटर व शिक्षण संस्थान में संपर्क बिंदू की पहचान करे।
  5. इस तरह की किसी भी घटना की रिपोर्ट Cybercrime.gov.in पोर्टव पर या साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर करें। साथ ही सुरक्षा संबधि जानकारी के लिए ट्विटर पर @CyberDost व फेसबुक पर CyberDost व इंस्टाग्राम @cyberdosti4c को फॉलो करें।

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