आवश्यक सेवाओं के साथ उद्योगों को भी मिले गैस: उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया
टेक्सटाइल उद्योग को गैस आपूर्ति पर प्रशासन कर रहा गंभीरता से विचार
एलपीजी, पीएनजी वितरण पर सख्ती, उपायुक्त ने दिया संतुलित आपूर्ति का भरोसा
गैस आपूर्ति सुधार को लेकर सक्रिय प्रशासन, औद्योगिक ईकाईयों के साथ होगी बुधवार को अहम बैठक
BOL PANIPAT , 7 अप्रैल। हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से 5 किलो एलपीजी सिलेंडर तथा एलपीजी, पीएनजी वितरण से जुड़े मुद्दों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान राज्यभर में गैस आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने जिले में एलपीजी की वर्तमान स्थिति से मुख्य सचिव को विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पानीपत में टेक्सटाइल उद्योग की अधिकता के कारण गैस की मांग काफी अधिक है और यह उद्योग जिले की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। उपायुक्त ने जानकारी दी कि जिले को प्रतिदिन लगभग 250 एलपीजी सिलेंडर प्राप्त होते हैं, जिनका वितरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है।
उपायुक्त डॉ दहिया ने बताया कि इन सिलेंडरों को अस्पतालों, विवाह-शादियों, घरेलू उपयोग और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए उपलब्ध करवाया जाता है, ताकि किसी भी जरूरी सेवा में बाधा उत्पन्न न हो। उपायुक्त ने गैस आपूर्ति को और अधिक प्रभावी एवं संतुलित बनाने के लिए रणनीति के तहत कार्य करने का सुझाव भी दिया। साथ ही उपायुक्त ने मुख्य सचिव को अवगत करवाया कि इस विषय पर बुधवार को इंडस्ट्री से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें व्यावहारिक समाधान और बेहतर समन्वय पर चर्चा की जाएगी।
उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि जिले में एलपीजी एवं पीएनजी की उपलब्धता को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क और गंभीर है। हमारी प्राथमिकता है कि गैस की आपूर्ति का संतुलन इस प्रकार बनाए रखा जाए, जिससे एक ओर अस्पतालों, घरेलू उपभोक्ताओं एवं अन्य आवश्यक सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए, वहीं दूसरी ओर पानीपत के प्रमुख टेक्सटाइल उद्योग की जरूरतें भी सुचारु रूप से पूरी हो सकें।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में सीमित संसाधनों के बीच भी हम प्रतिदिन प्राप्त होने वाले गैस सिलेंडरों का प्राथमिकता के आधार पर वितरण सुनिश्चित कर रहे हैं। विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक आयोजनों एवं जरूरी संस्थानों को ध्यान में रखते हुए आपूर्ति की जा रही है, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। टेक्सटाइल उद्योग जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए इसकी आवश्यकताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसी उद्देश्य से हम एक ठोस और व्यावहारिक रणनीति पर कार्य कर रहे हैं, जिससे उद्योगों को निरंतर गैस उपलब्ध कराई जा सके और उत्पादन प्रभावित न हो।
उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर रहा है। उनकी गैस संबंधित समस्या से भली भांति वाकिफ है। बुधवार को प्रस्तावित बैठक में सभी हितधारकों के सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा और एक समन्वित कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित हो सके। हमारा प्रयास है कि पारदर्शिता, समन्वय और प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से जिले में गैस आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए, ताकि आमजन और उद्योग दोनों के हित सुरक्षित रह सकें। इस मौके पर डीएफएससी दिव्या के अलावा कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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