गावों की सांस्कृतिक धरोहर की सूचना मोबाईल ऐप में होगी कैद : डी.सी.
BOL PANIPAT : 11, मार्च। डीसी सुशील सारवान ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव की सांस्कृतिक धरोहर की सूचना को अब मोबाईल में कैद किया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार के सांस्कृतिक मंत्रालय और सरकार के मध्य पिछले दिनों अनुबंध किया जा चुका है। जिले में योजना का परीक्षण भी किया जा चुका है। पायलट प्रोजेक्ट के दौरान जिले के कुछ सर्वे का कार्य किया जा चुका हैं।
उन्होनें बताया कि सांस्कृतिक धरोहर मेरा गांव-मेरी धरोहर संस्कृतिक शब्द से सीधा मतलब है कि कोई ऐसी चीज, जिससे कुछ विशेष हो या पुरानी हो। सरकार ऐसी सभी चीजों को इकट्ठा कर इन चीजों के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित करना चाहती है। इससे संबधित फोटो, वीडियो और उसके बारे में सम्पूर्ण जानकारी भी अपलोड किए जाएंगे। उसको मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज किया जाना है।
जिला प्रबंधक जितेन्द्र कुमार व नीरज ने बताया कि जिला के सभी गांवों की सांस्कृतिक सूचना मोबाईल ऐप के जरिये कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों द्वारा सर्वे किया जाना है। जिसके क्रम में ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसको मेरा गांव-मेरी धरोहर नाम दिया गया है इस योजना के तहत जिले के सभी ब्लॉकों के सीएससी संचालकों को ट्रेनिंग दी जा रही है।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत सीएससी कॉमन सर्विस सेंटर और केंद्रीय सांस्कृतिक मंत्रालय भारत सरकार के साझा साहयोग से पहली बार यह कार्य किया जा रहा है।

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