बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि के कारण खराब हुई फसल का ब्यौरा ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज करवाना अनिवार्य: उपायुक्त सुशील सारवान
जिला में अब तक 739 किसानों ने ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर करीब 5 हजार एकड़ की अपनी फसलों के खराबे का ब्यौरा करवाया दर्ज
किसानों को ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर ब्यौरा दर्ज करवाने के लिए किया जा रहा है जागरूक।
BOL PANIPAT , 29 मार्च। उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि जिले में अब तक जिला के 739 किसानों ने ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर करीब 5 हजार एकड़ की अपनी फसलों के खराबे का ब्यौरा दर्ज करवाया है। प्रशासन द्वारा उक्त भूमि की वैरिफिकेशन भी करवाई जा रही है। उपायुक्त ने शेष किसानों से भी अपील करते हुए कहा कि बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि के कारण खराब हुई फसल का ब्यौरा ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज करवाना अनिवार्य है, ताकि उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा मुहैया करवाया जा सके।
उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे किसानों को ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर खराबे की जानकारी दर्ज करवाने के लिए जागरूक करें। इसके अलावा जिन किसानों ने ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपनी खराब फसलों की जानकारी दर्ज करवा दी है, उनकी वैरिफिकेशन भी जल्द करवाएं ताकि किसानों को उनका मुआवजा जल्द दिलवाया जा सके। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि के कारण खराब हुई किसानों की फसलों का आकलन कर मई माह तक किसानों के खातों में मुआवजा भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्पेशल गिरदावरी का कार्य 15 दिन में पूरा कर लिया जाएगा और पारदर्शी ढंग से सभी किसानों को मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
जिला राजस्व अधिकारी डॉ. राजकुमार भौरिया ने कहा कि किसानों को ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपने नुकसान का ब्यौरा भरना अनिवार्य है। इसके अलावा, जो किसान स्वयं क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नुकसान का आकलन नहीं भर सकते वे कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर भरवा सकते हैं। सरकार द्वारा उसका खर्च वहन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फसल का बीमा करवाने वाले किसानों को कंपनी द्वारा भुगतान किया जाता है और बीमा न करने वाले किसानों को सरकार द्वारा 15000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

Comments