Friday, April 17, 2026
Newspaper and Magzine


एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में शिक्षक दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at September 5, 2022 Tags: , , , ,

विद्यार्थियों ने लिया डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के पदचिन्हों पर चलने का प्रण 

शिक्षक के आशीर्वाद से ही हम अज्ञानता के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर बढ़ते हैं: डॉ अनुपम अरोड़ा

BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में शिक्षक दिवस केपावनअवसर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमे कॉलेज के कला, वाणिज्य और विज्ञान के विद्यार्थियों ने भाग लिया. आकर्षण का केंद्र एमएससी भौतिकी और एमएससी रसायन शास्त्र के स्नातकोत्तर विभाग द्वारा प्राचार्य एवं प्राध्यापकों को सम्मानित करना और उनके प्रति अपना आभार व्यक्त करना रहा. इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने केक काटकर और मिष्टान बांटकर शिक्षक दिवस पर अपने प्राध्यापकों के प्रति अपने उमड़ते भावों को व्यक्त किया. विदित रहे की किसी के व्यक्तित्व या भविष्य को सही मोड़ देने में गुरु की भूमिका सबसे बड़ी होती है. गुरु ही इंसान को जीवन का सही मार्ग चुनने की समझ देता है और गुरु के माद्यम से ही सफलता की सीढ़ियों तक पहुंचा जा सकता है. यही कारणहै कि हमारे देश में शिक्षकों का सम्मान है और उन्हें माता-पिता से भी ऊंचा दर्जा दिया जाता है. गुरु की अहमियत को समझानेके लिए भारत में हर साल शिक्षक दिवस या टीचर्स डे मनाया जाता है. यह खास दिन शिक्षक को सम्मानित करने और आभार व्यक्त करने के लिए होता है. विविध कार्यक्रमों में प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा के साथ रसायन स्नातकोत्तर विभाग से डॉ प्रवीण कात्याल, प्रो मयंक अरोड़ा, प्रो प्रवीण कुमारी,डॉ प्रोमिला,प्रो राहुल, प्रो शिवी,प्रो शिखा और प्रो प्रिया तथा भौतिकी स्नातकोत्तर विभाग से डॉ चेतना नरूला,डॉ रेणु गुप्ता,डॉ बिंदु रानी, डॉ साक्षी शर्मा और प्रो जगबीर देसवाल नेछात्र-छात्राओं को आशीर्वाद और उज्जवल भविष्य के भाव संप्रेषित किये. इस अवसर पर डॉसर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा पर पुष्प भी अर्पित किये गए.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा की हमारे जीवन में गुरु का बड़ा महत्व होता है. बिना गुरु के ज्ञान को पाना असंभव है. शिक्षक के आशीर्वाद से ही हम अज्ञानता के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश कीओर बढ़ते हैं. हमारे देश में हर साल 5 सितंबर को ‘शिक्षक दिवस’ मनाया जाता है. इस दिन हमारे देश के प्रथम उपराष्ट्रपति और पूर्व राष्ट्रपति डॉसर्वपल्ली  राधाकृष्णन का जन्म हुआ. वे स्वयं भी एक महान शिक्षक थे और उनका व्यक्तित्व श्रेष्ठ था. उनके जन्मदिन को ही शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए ऐसी उन्होनें कामना की थी.उन्होंने कहा था की उनके जन्मदिन कोमनाने के बजाय अगर इस दिन को ‘शिक्षक दिवस’ के रूप में मनाया जाएतो यह उनकेलिए गर्व का विषय होगा.राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति के संवाहक, महान शिक्षाविद और महान दार्शनिक थे. उनका कहना था कि जहां कहीं से भी कुछ सीखने को मिले उसे अपने जीवन में उतार लेना चाहिए. वह पढ़ाने से ज्यादा विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास पर जोर देने की बात करते थे. वह पढ़ाई के दौरान काफी खुशनुमा माहौल बनाकर रखते थे. ऐसी महान शख्शियत को 1954में भारत रत्न से सम्मानित किया गया.

एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी के प्रधान पवन गोयल ने अपने सन्देश में कहा की शिक्षक दिवस पूरे भारत में हर साल 5 सितम्बर को शिक्षकों को हमारी शिक्षा के साथ ही समाज और देश के लिए बहुमूल्य योगदान को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है. 5 सितम्बर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म दिवस है और वह महान व्यक्ति थे जो शिक्षा के लिए पूरी तरह से समर्पित थे. वह एक विद्वान, राजनयिक, भारत के उप-उपराष्ट्रपति , भारत के राष्ट्रपति और सबसे महत्वपूर्ण शिक्षक के रुप में बहुत अच्छे से जाने जाते हैं.भारत के सभी छात्रों के लिए शिक्षक दिवस उनके भविष्य को आकार देने में उनके निरंतर,निस्वार्थ और कीमती प्रयासों के लिए उनके द्वारा अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता को अर्पित करने का उत्सव और अवसर है. देश में गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रणाली और इसके लिए निरंतर बिना थकान के किए गए प्रयासों का कारण हमारे शिक्षक हैं. शिक्षक विद्यार्थियों को अपने स्वंय के बच्चों से कम नहीं समझते है और उन्हें पूरी मेहनत से पढ़ाते हैं. एक बच्चे के रुप में जब भी हमें प्रेरणा और प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है तो इसे हम अपने अध्यापकों से हीप्राप्त कर सकते हैं. वे हमें जीवन में किसी भी बुरी स्थिति से ज्ञान और धैर्य के माध्यम से बाहर निकलना सिखाते हैं. अपने अध्यापकों के प्रति हम सदा आभारी रहेगें.

Comments