Tuesday, May 26, 2026
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हर बेसहारा बच्चे तक हक की राशि पहुंचाना हमारा संकल्प: उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at March 26, 2026 Tags: , , , , ,

-ज़िले के 12,020 लाभार्थी बच्चे इस योजना के तहत पेंशन का ले रहे लाभ

-कोई भी पात्र बच्चा नहीं रहेगा वंचित

-सहायता राशि से बच्चों को मिलेगा मजबूत भविष्य का सहारा

-हर जरूरतमंद बच्चे को योजना से जोड़ने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध

BOL PANIPAT , 26 मार्च। जिला उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि, जिले में बेसहारा बच्चों के लिए वित्तीय सहायता योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारा लक्ष्य है कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा इस योजना से वंचित न रहे।
सरकार के इस योजना से बच्चों को बेहतर पोषण और शिक्षा के अवसर मिलेंगे। यह योजना उनके जीवन में सुरक्षा और स्थिरता प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम है।
उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया ने बताया कि जिला प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ यह सुनिश्चित कर रहा है कि प्रत्येक लाभार्थी को समय पर सहायता मिले। सभी पात्र परिवारो आगे आकर इस योजना का लाभ उठाएं और अन्य जरूरतमंद बच्चों को भी इससे जोड़ने में सहयोग करें।
उपायुक्त डॉ दहिया ने कहा कि हरियाणा सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा चलाई जा रही इस योजना के तहत जिला प्रशासन पात्र बच्चों को निरंतर सहायता प्रदान कर रहा है।
उपायुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में वर्तमान में लगभग 12,020 लाभार्थी बच्चे इस योजना के तहत पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।
सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में की गई हालिया वृद्धि के बाद, अब बेसहारा बच्चों को मिलने वाली मासिक सहायता राशि 2,100 रुपए से बढ़ाकर 2,300 रुपए प्रति बच्चा की हुई है। एक परिवार में अधिकतम दो बच्चों को इस योजना का लाभ दिया जाता है, जिससे दो बच्चों के लिए 4,600 मासिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह सहायता राशि बच्चों के भरण-पोषण और शिक्षा के लिए सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।
उपायुक्त ने बताया कि 21 वर्ष से कम आयु के वे बच्चे इस योजना के पात्र हैं, जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी हो, जिनके पिता पिछले दो वर्षों से घर से लापता हों, जिनके माता-पिता में से कोई एक वर्ष या उससे अधिक की कारावास की सजा काट रहा हो या जिनके माता-पिता शारीरिक या मानसिक रूप से पूरी तरह अक्षम हों। इसके अतिरिक्त, परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।
विदित रहे कि इस योजना का लाभ लेने वाले आवेदक का हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए और कम से कम 5 वर्षों से राज्य में रह रहा हो।
उल्लेखनीय है कि जिन परिवारों में माता-पिता सरकारी सेवा में हैं या सरकारी पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे।
पात्र आवेदक अपने नजदीकी अंत्योदय सरल केंद्र, अटल सेवा केंद्र या सरल पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, बेसहारा होने का प्रमाण पत्र और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेज अनिवार्य हैं।
उपायुक्त ने अपील की है कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा इस योजना से वंचित न रहे। अधिक जानकारी के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।

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