जनता समाधान शिविर औपचारिकता नहीं, जवाबदेही का है सशक्त मंच: निगम संयुक्त आयुक्त डॉ. संजय
-शिविर में 18 फरियादी पहुंचे समाधान की उम्मीद लेकर, कई समस्याओं का मौके पर निस्तारण
-कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं, पुलिस हर शिकायत पर करेगी ठोस कार्रवाई: डीएसपी सतीश वत्स
-शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता: डीडीपीओ राजेश शर्मा
BOL PANIPAT , 22 जनवरी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह द्वारा जिला एवं उपमंडल स्तर पर आयोजित किए जा रहे जनता समाधान शिविर आमजन के लिए प्रशासन से सीधे संवाद और त्वरित समाधान का प्रभावी मंच बनते जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से न केवल जनता की समस्याएं सुनी जा रही हैं, बल्कि मौके पर समाधान और ठोस कार्रवाई से प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
गुरुवार को उपायुक्त डॉ वीरेंद्र कुमार दहिया के निर्देश पर जिला सचिवालय सभागार प्रथम तल पर आयोजित जनता समाधान शिविर में 18 फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। शिविर की अध्यक्षता निगम संयुक्त आयुक्त डॉ. संजय ने की। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए। शिविर में प्राप्त शिकायतों में फैमिली आईडी में आय संशोधन, पेंशन, राशन कार्ड, बिजली, नगर निगम और पुलिस विभाग से जुड़े मामलों की संख्या अधिक रही। कई मामलों का समाधान मौके पर ही किया गया, जबकि शेष शिकायतों को तय समय सीमा में निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।
निगम संयुक्त आयुक्त डॉ. संजय ने कहा कि जनता समाधान शिविर किसी भी रूप में औपचारिकता नहीं हैं। ये शिविर प्रशासन और जनता के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी हैं। हर शिकायत को गंभीरता से सुनना और उसका समाधान करना हमारी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी है। समाधान कागजों में नहीं, जमीन पर दिखाई देना चाहिए। यदि किसी मामले में जानबूझकर देरी या लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिविर में मौजूद पुलिस उप अधीक्षक सतीश वत्स सिंह ने फरियादियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिले में कानून- व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस से संबंधित प्रत्येक शिकायत पर त्वरित, निष्पक्ष और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जनता समाधान शिविर पुलिस और आमजन के बीच संवाद का सशक्त माध्यम हैं, जिससे पुलिस व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जा रहा है।
डीडीपीओ राजेश शर्मा ने कहा कि जनता समाधान शिविरों में प्राप्त हर शिकायत को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है। प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि किसी भी फरियादी को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिविर में वार्ड 11 निवासी जगदीश ने वृद्धा पेंशन दिलवाने का अनुरोध किया। उन्होंने प्रशासन के समक्ष अपनी स्थिति भी रखी व बताया की यह पेंशन उनके लिए कितना महत्व रखती है।
सामाजिक कार्यकर्ता रंजीता कौशिक ने बलाना निवासी एक परिवार को दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना का लाभ दिलवाने का अनुरोध किया। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि वह योजना का पात्र है। आर्थिक स्थिति कमजोर है। उसे इस लाभ की सख्त जरूरत है। बीचपड़ी वासी राजेंद्र, रवि और मनीष ने नालों से बहाए जा रहे पानी से हो रही परेशानी से प्रशासन को अवगत कराया। उन्होंने गंदे पानी से हो रही परेशानियों को भी प्रशासन के समक्ष रखा। प्रार्थी यशपाल ने नांगल खेड़ी में एक व्यक्ति पर सरकारी कमरे के अवैध उपयोग का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि ऐसे व्यक्ति की जांच की जाए व कार्रवाई की जाए। प्रार्थी शिव नगर निवासी राजेश ने फैमिली आईडी में इनकम दुरुस्त करवाने और राशन कार्ड बनवाने का अनुरोध किया।
भारत नगर निवासी शीला ने अपने पति के वर्ष 2010 से लापता होने की जानकारी देते हुए प्रशासन से तलाश की गुहार लगाई। इसके अतिरिक्त फैमिली आईडी, पेंशन और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित कई शिकायतें भी प्राप्त हुईं। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में शिकायतकर्ता उपस्थित रहे। इस मौके पर फिशरी अधिकारी मदन मोहन, एसडीओ कृषि विभाग राधेश्याम, पुलिस कंप्लेंड अधिकारी सुरेश, संजीव शर्मा, जोगिंदर ,रमेश और विभिन्न विभागों से अधिकारी और शिकायतकर्ता मौजूद रहे।

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