जरूरत से ज्यादा खाद लेने वालों पर रखें नजर, हर किसान तक पहुंचे उर्वरक की उपलब्धता: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
60 प्रतिशत खाद सहकारी क्षेत्र से उपलब्ध कराने पर जोर, किसानों तक समान वितरण सुनिश्चित करें
फसल अवशेष प्रबंधन अपनाएं, प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें किसान
हाफेड, पैक्स और सहकारी समितियों के माध्यम से खाद वितरण व्यवस्था होगी और मजबूत
BOL PANIPAT , 23 जून। जिला सचिवालय सभागार में मंगलवार को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में हैफेड, पैक्स एवं सहकारी क्षेत्र के माध्यम से यूरिया, डीएपी, एनपीके तथा अन्य फॉस्फेटिक उर्वरकों की न्यूनतम 60 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करने संबंधी एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि विभाग, हाफेड, सहकारिता विभाग तथा इफको के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में हरियाणा सरकार एवं कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा जारी निर्देशों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त डॉ हरीश ने कहा कि किसानों को समय पर और समान रूप से खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उर्वरकों के वितरण पर विशेष निगरानी रखी जाए ताकि किसी भी किसान को खाद की कमी का सामना न करना पड़े।
उपायुक्त ने कहा कि यदि फसल अवशेष प्रबंधन को गंभीरता से नहीं अपनाया गया तो भविष्य में भूमि की उत्पादकता प्रभावित हो सकती है। इसलिए किसानों को प्राकृतिक खेती एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों की ओर प्रेरित किया जाए। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा, किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उर्वरकों का पारदर्शी एवं समान वितरण सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी भी किसान को परेशानी न हो। फसल अवशेष प्रबंधन, प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग ही कृषि को दीर्घकालिक रूप से लाभकारी बना सकते हैं। प्रशासन किसानों के हितों की रक्षा और कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
उपायुक्त ने कहा कि जिले के किसान प्रगतिशील हैं और उन्हें खेती से जुड़े नवीनतम उपायों एवं जमीनी वास्तविकताओं से अवगत कराना आवश्यक है। इसके लिए गांव स्तर पर जागरूकता सेमिनार आयोजित किए जाएं तथा किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन और प्राकृतिक खेती के लाभों की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि किसान फसल अवशेषों को जलाने की बजाय उनका खेत में ही उपयोग करें। इससे भूमि की उर्वरता बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित प्रोत्साहन राशि किसानों को शीघ्र जारी की जाए।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के अनुसार 60 प्रतिशत खाद की आपूर्ति हाफेड, पैक्स एवं सहकारी क्षेत्र के माध्यम से तथा 40 प्रतिशत उपलब्धता निजी क्षेत्र के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो किसान आवश्यकता से अधिक खाद लेने का प्रयास करते हैं, उन पर विशेष निगरानी रखी जाए ताकि उर्वरकों का समान वितरण सुनिश्चित हो सके और प्रत्येक पात्र किसान को उसका लाभ मिल सके। बैठक में जिला प्रबंधक हाफेड राजेश सहरावत, जिला उप कृषि निदेशक बलवंत सिंह,सहायक निबंधक सहकारी समितियां कृपाल दास, फील्ड ऑफिसर इफको सुरेंद्र सिंह, डीसीसीबी प्रतिनिधि विकास, बलविंद्र सिंह, राकेश, देवेंद्र सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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