Friday, July 19, 2024
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की राष्ट्रीय सेवा योजना, तनेजा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल और चिरंजीवी भव: वैलफेयर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में ‘मेगा नि:शुल्क मेडिकल कैंप का आयोजन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL HEALTH , at February 17, 2024 Tags: , , , , ,

विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों की हड्डियों, आँखों, बीपी, शुगर एवं अन्य बीमारियों की नि:शुल्क की गई जांच  

नि:शुल्क दवाईयां वितरित की गई और देश भर के 500 हस्पतालों में इलाज़ करवाने पर विशेष छूट देने की हुई घोषणा    

BOL PANIPAT , 17 फरवरी. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाइयों, टीडीआई स्थित तनेजा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल और चिरंजीवी भव: वैलफेयर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में ‘मेगा नि:शुल्क मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों की हड्डियों, आँखों, बीपी, शुगर, रक्त एवं अन्य बीमारियों कि नि:शुल्क जांच की गई और उन्हें मौके पर ही नि:शुल्क दवाईयां वितरित की गई और चिरंजीवी भव: वैलफेयर फाउंडेशन तनेजा और देशभर के 500 अन्य हस्पतालों में इलाज़ करवाने पर विशेष छूट देने की घोषणा की गई । कैंप में तनेजा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल से मैनेजिंग डायरेक्टर अमित तनेजा, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ अमित महला, शिशु और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ अरुण महला, स्त्री और प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ मनीषा भाटिया, नेत्र विशेषज्ञ डॉ आर कुमार, स्त्री और प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ शिखा और सामान्य चिकित्सक डॉ अमित कुमार ने अत्याधुनिक मशीनों और नवीन तकनीकों के साथ कॉलेज सभागार में लगभग 600 विद्यार्थियों और स्टाफ के सदस्यों की जांच की और उन्हें अच्छे स्वास्थ्य के प्रति लाभान्वित किया । चिरंजीवी भव: वैलफेयर फाउंडेशन पानीपत के संस्थापक सोनू कश्यप और सदस्यों सोनिया कश्यप, डॉ मोनू सैनी, विपिन कश्यप, जोनी कश्यप, मनोज कुमार, हरीश ठाकुर, करिश्मा, लक्ष्मी, सरस्वती और ममता ने सम्पूर्ण कैंप में अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वाह किया । तनेजा हॉस्पिटल फार्मा टीम ने नि:शुल्क दवाइयों के वितरण का दायित्व निभाया । मेडिकल टीम और मेहमानों का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ राकेश गर्ग ने पुष्प-गुच्छ भेंट करके किया । स्टाफ सदस्यों में डॉ एसके वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, डॉ पवन कुमार, डॉ दीपिका अरोड़ा मदान, प्रो मयंक अरोड़ा, डॉ बलजिंदर सिंह, प्रो संजय चोपड़ा, प्रो कविता, प्रो मीतु सैनी, प्रो किरण मलिक, प्रो मनोज कुमार, दीपक मित्तल, चिराग सिंगला आदि ने कैंप में हिस्सा लिया ।

विदित रहे कि तनेजा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल टीडीआई स्थित अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हस्पताल है जिसने आज कॉलेज के छात्र-छात्राओं और स्टाफ सदस्यों को चिरंजीवी भव: वैलफेयर फाउंडेशन के माध्यम से वार्षिक कार्ड बनवाने पर तनेजा हस्पताल में वर्ष भर के लिए ओपीडी की फ्री सेवाएं देने की घोषणा की और देश भर के 500 हस्पतालों में कहीं भी इलाज़ करवाने पर विशेष छूट देने की योजना भी बताई ।  .

डॉ आर कुमार नेत्र रोग विशेषज्ञ ने कहा कि हमें अपने आहार में विविध प्रकार के फल और सब्जियां शामिल करनी चाहिए, विशेष रूप से गहरे पीले और हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक और केल । ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर मछली जैसे सैल्मन, टूना और हलिबूट का सेवन भी आपकी आंखों को बहुत फायदा पहुंचाता है । ज़्यादा वजन होने या मांसल होने से पॉलीजेनिक विकार विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है । पॉलीजेनिक विकार होने से हमको डायबिटिक रेटिनोपैथी या नेत्र रोग होने का अधिक खतरा हो जाता है । इसलिए हमें अपने वजन का ध्यान रखना चाहिए । नियमित व्यायाम पॉलीजेनिक विकार, उच्च रक्त-पाच और हाई कोलेस्ट्रॉल को रोक या प्रबंधित कर सकता है । इन रोगों के परिणामस्वरूप हमें नेत्र रोग या दृष्टि संबंधी समस्याएं हो सकती है । इसलिए अगर हम रोज़ व्यायाम करते हैं तो हम आंखों और दृष्टि समस्याओं को प्राप्त करने के जोखिम से बच सकते है । बहुत ज़्यादा सूरज के संपर्क में आने से भी हमारी आंखों के ऊतकों को नुकसान होता है और हममें मोतियाबिंद एवं उम्र से संबंधित मैक्युलर डीजनरेशन का खतरा बढ़ जाता है । हमें चश्मा पहनकर अपनी आंखों की रक्षा करनी चाहिए जिससे हम यूवी-ए और यूवी-बी विकिरण के सौ प्रतिशत तक रोक सकते हैं । हमें आंखों की चोटों से बचने के लिए खेलते समय अपनी आंखों की सुरक्षा के लिए आईवियर पहनने चाहिए । अगर हम किसी मील या निर्माण से संबंधित नौकरी करते हैं तो भी हमें अपनी आंखों को किसी भी हानिकारक किरणों या कणों से बचाने के लिए एक सुरक्षा कवच अवश्य पहनना चाहिए ।

डॉ अमित कुमार ने कहा कि हमें अपने शरीर की सफाई, घर की सफाई, वस्त्रों की सफाई और आस-पड़ोस की सफाई पूरी लगन के साथ करनी चाहिए । सफाई व्यवस्था सही होने पर रोगाणु शरीर से दूर रहते हैं । उचित उपायों को अपनाने वाला व्यक्ति हमेशा स्वस्थ रहता है । नियमित व्यायाम शरीर निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम है और इसके लिए हमें कोई सही जिम उस्ताद की देख-रेख में ज्वाइन करना चाहिए । रोजाना पुश अप्स करना, साइकिल चलाना, रस्सी कूदना और योग करना मजबूत शरीर के लिए राम बाण है ।

कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल ने अपने सन्देश में कहा कि स्वास्थ्य को सबसे बड़ा धन कहा गया है । यदि रुपया-पैसा हाथ से निकल जाए तो उसे पुन: प्राप्त किया जा सकता है परंतु एक बार सेहत बिगड़ जाए तो उसे पुरानी स्थिति में लाने में बहुत मेहनत करनी पड़ती है । इसीलिए समझदार लोग अपने स्वास्थ्य की हिफाजत मनोयोगपूर्वक करते हैं । अच्छा स्वास्थ्य जीवन के समस्त सुखों का आधार है । अच्छे स्वास्थ्य में ही सौन्दर्य निहित है । जो अच्छे स्वास्थ्य से युक्त है उसी के मन में उत्साह और उमंग होती है । वह अपना कार्य चिंतामुक्त होकर करता है तथा कठिनाइयों से नहीं घबराता बल्कि हर समय उत्फुल्ल रहता है । उसको खाया-पीया भी शरीर में लगता है तथा उसे दुर्बलता और थकान भी नहीं आती । दूसरी तरफ बिगड़े हुए स्वास्थ्य वाला व्यक्ति हर समय उदास एवं दु:खी और विचलित रहता है । अत: प्रत्येक व्यक्ति का कर्त्तव्य है कि वह स्वास्थ्यप्रद जीवन शैली अपनाए और अपने तन को स्वस्थ और मन को आनंदित रखे । यह कैंप भी इसी प्रयोजन से लगाया गया ।

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि आधुनिक जीवन शैली की तेज रफ्तार एवं भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत का विषय बहुत पीछे रह गया है और नतीजा यह निकला है कि आज हम युवावस्था में ही ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, ह्रदय रोग, कोलेस्ट्रोल, मोटापा, गठिया, थायरॉइड जैसे रोगों से पीड़ित होने लगे हैं जो कि पहले प्रोढ़ावस्था एवं व्रद्धावस्था में होते थे । इसकी सबसे बड़ी वजह है खान-पान और रहन-सहन की गलत आदतें । उन्होने कहा कि हम सेहत के कुछ ही नियमों का पालन करके खुद भी स्वस्थ रह सकते है तथा परिवार को भी स्वस्थ रख सकते है । अन्य लोगों को स्वास्थय के लिए जागरूक करना भी हमारी ही जिम्मेदारी है । तभी एक स्वस्थ एवं मजबूत समाज और देश का निर्माण होगा । इस प्रकार के कैम्पस को आयोजित करने का यही उद्देश्य है क्योंकि कॉलेज प्रशासन स्वस्थ दिमाग और आत्मा के साथ स्वस्थ शरीर के सिद्धांत पर भी बल देता है । कॉलेज हेल्थ कैंप का आयोजन नियमित रूप से करता है ताकि कॉलेज में पढने वाला हर छात्र-छात्रा स्वस्थ और निरोगी रहे ।

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