Tuesday, June 2, 2026
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‘मेरा पानी, मेरी विरासत’ योजना से जल संरक्षण और किसान समृद्धि को मिलेगा नया बल: उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at June 2, 2026 Tags: , , , ,

वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देकर भूजल बचाने की दिशा में हरियाणा सरकार की बड़ी पहल

किसानों को मिलेगा 8000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान, दलहन-तिलहन व कपास पर अतिरिक्त बोनस

‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण कर किसान उठाएं योजना का लाभ

BOL PANIPAT, 2 जून। हरियाणा सरकार द्वारा जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित ‘मेरा पानी, मेरी विरासत’ योजना किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। उपायुक्त डॉ. विरेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि योजना के तहत धान जैसी अधिक पानी की खपत वाली फसलों के स्थान पर कम पानी में तैयार होने वाली वैकल्पिक फसलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत मक्का, कपास, खरीफ दलहन फसलें जैसे अरहर, मूंग, मोठ, उड़द, ग्वार एवं सोयाबीन, खरीफ तिलहन फसलें जैसे तिल, अरंडी एवं मूंगफली, चारा फसलें, खरीफ प्याज, बागवानी एवं सब्जियां तथा कृषि-वाणिकी के अंतर्गत पॉपलर और सफेदा लगाने वाले किसानों को 8000 रुपये प्रति एकड़ की दर से अनुदान प्रदान किया जाएगा।

    उपायुक्त डॉ. दहिया ने कहा कि प्रदेश में भूजल स्तर को सुरक्षित बनाए रखने के लिए फसल विविधीकरण समय की आवश्यकता है। सरकार की यह योजना किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ जल संरक्षण के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेगी। उपायुक्त डॉ दहिया ने कहा कि कम पानी वाली फसलें अपनाने से खेती की लागत में कमी आएगी तथा किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।

    उपायुक्त ने जानकारी दी कि वर्तमान वर्ष में जिन किसानों ने धान की फसल न लगाकर अपने खेत खाली छोड़े हैं, वे भी इस योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के पात्र होंगे। इसके अतिरिक्त दलहन, तिलहन तथा कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 2000 रुपये का अतिरिक्त बोनस भी प्रदान किया जाएगा, जिससे इन फसलों को अपनाने के लिए किसानों को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।

उपायुक्त डॉ दहिया ने बताया कि खरीफ सीजन 2026 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 20 मई 2026 से प्रारंभ हो चुकी है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों का ‘मेरी फसल, मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे समय रहते अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें ताकि सरकार द्वारा प्रदान की जा रही वित्तीय सहायता और अन्य लाभों का पूरा लाभ उठा सकें।

उपायुक्त डॉ. विरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों के हितों के प्रति पूर्णत: प्रतिबद्ध है और कृषि क्षेत्र को अधिक लाभकारी, टिकाऊ तथा पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ‘मेरा पानी, मेरी विरासत’ योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और किसान कल्याण के उद्देश्यों को एक साथ पूरा करने का कार्य कर रही है।

डीडीए प्रवीण गुलिया ने बताया कि योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 पर संपर्क कर सकते हैं अथवा जिला कृषि उपनिदेशक कार्यालय और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

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