प्रशासन की प्राथमिकता प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित वातावरण में कर सके अपनी यात्रा पूरी: उपायुक्त डॉक्टर हरीश कुमार वशिष्ठ
कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट, आस्था के महापर्व को सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम
श्रद्धा और सुरक्षा का संगम: कांवड़ यात्रा की तैयारियों में जुटा प्रशासन,अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
कांवडिय़ों की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता, ट्रैफिक से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं तक हर व्यवस्था होगी दुरुस्त: पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह
आस्था का सम्मान, सुरक्षा का संकल्प: कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन की बड़ी तैयारी
BOL PANIPAT , 23 जुलाई। श्रावण मास में निकलने वाली कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों शिवभक्तों की अटूट आस्था, श्रद्धा और सनातन संस्कृति का महापर्व है। भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करने के लिए देशभर से निकलने वाले कांवडिय़ों की सेवा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में वीरवार को जिला सचिवालय सभागार में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह तथा नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने विभिन्न विभागों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि कांवड़ यात्रा भारतीय संस्कृति, आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास के साथ लंबी पैदल यात्रा कर गंगाजल लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन का दायित्व है कि प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित वातावरण में अपनी यात्रा पूरी कर सके। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि कांवड़ मार्गों पर बिजली के तार कहीं भी नीचे लटकते हुए दिखाई नहीं देने चाहिए। सभी संबंधित विभाग समय रहते इन्हें दुरुस्त करें। सडक़ों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। नगर निगम यह सुनिश्चित करे कि कांवड़ मार्ग पूरी तरह साफ-सुथरे हों तथा जहां आवश्यकता हो वहां अस्थायी शौचालयों की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कांवड़ शिविर निर्धारित मानकों के अनुसार मुख्य मार्ग से सुरक्षित दूरी पर स्थापित किए जाएं तथा पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए। संवेदनशील स्थानों पर बैरियर लगाए जाएं तथा दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाए जाएं ताकि रात्रि के समय भी श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवागमन मिल सके। शहर की सीमा में प्रवेश से पहले निर्धारित स्थानों पर एंबुलेंस, चिकित्सकीय टीम और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी। पुलिस लगातार कांवड़ मार्गों पर निगरानी रखेगी तथा कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यातायात संचालन, भीड़ नियंत्रण और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज यादव ने कहा कि नगर निगम की ओर से कांवड़ मार्गों की सफाई, सडक़ मरम्मत, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और अन्य नागरिक सुविधाओं को समय रहते दुरुस्त किया जाएगा। कांवड़ शिविरों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभागों की तैयारियों की समीक्षा प्रस्तुत करते हुए समयबद्ध तरीके से सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने का भरोसा दिया। इस मौके पर एडीसी अंकित चौकसे एसडीएम मनदीप कुमार, सीएमओ विजय मलिक, एसई धर्म सिहाग, डीडीपीओ राजेश शर्मा के अलावा विभिन्न विभागों से अधिकारी मौजूद रहे।

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