संध्या छाया नाटक का संदेश. माता-पिता को अकेला छोड़कर मत जाएं.
BOL PANIPAT : समालखा – चलो थियेटर उत्सव के पांचवें दिन संध्या छाया नाटक का मंचन किया गया। चंडीगढ़ की टीम ने इस नाटक का मंचन करते हुए संदेश दिया अपने माता-पिता को अकेले छोड़कर न जाएं। विदेश में खूब पढ़ें लेकिन लौटकर अपने घर आ जाएं। क्योंकि परिवार साथ है तभी खुशियां हैं।
रास कला मंच की ओर से पाइट कॉलेज में चलो थियेटर उत्सव मनाया जा रहा है। हरियाणा कला परिषद, संस्कृति मंत्रालय एवं गीता सरोवर पोर्टिको का इसमें सहयोग है।
संध्या छाया नाटक का निर्देशन थिएटर फॉर थिएटर के निर्देशक एवं चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी के चेयरमैन सुदेश शर्मा ने किया। महाधु ने अमनदीप सिंह, दीनू और विनय का किरदार नवदीप बाजवा, रवींद्र ठाकुर का किरदार श्याम देश पांडेय ने निभाया। सुदेश शर्मा और मधुबाला में मंचन में दिखाया कि उनके दोनों बेटे बाहर चले गए हैं। एक बेटा अमेरिका है तो दूसरा बेटा आर्मी में है। अमेरिका में गया बेटा वहीं शादी कर लेता है। माता-पिता को खबर तक नहीं देता। घर लौटने से इन्कार कर देता है। छोटा बेटा जंग में शहीद हो जाता है। रोते हुए पिता जब बड़े बेटे से कहते हैं कि तू यहां रह जा, तब वो कहता है कि यह देश मक्कारों का है। तब पिता चिल्ला उठते हैं। मां उसे समझाती है लेकिन बेटा अमेरिका चला जाता है। दोनों अपनी जिंदगी समाप्त करने लगते हैं, तभी उनका घरेलू नौकर नन्ही बच्ची को लेकर आ जाता है। उसी बच्ची की रोशनी में खुद को समेट लेते हैं दोनों। दर्शकों की आंखों में आंसू ले आता ये नाटक सोचने पर विवश करता है कि आखिर हम इतने स्वार्थी क्यों होते जा रहे हैं। इस अवसर पर रास कला मंच के निदेशक रवि मोहन, पाइट के चेयरमैन हरिओम तायल, सचिव सुरेश तायल, वाइस चेयरमैन राकेश तायल, बोर्ड सदस्य शुभम तायल, धनसौली राजकीय स्कूल की प्रिंसिपल मीनू चौधरी, डीन डॉ.बीबी शर्मा, पाइट एनएफएल की प्रिंसिपल रेखा बजाज मौजूद रहीं।

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