Thursday, April 16, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के रसायन शास्त्र और भौतिकी विषयों के मॉडल्स ने हासिल किया हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित अंतर-जिला विज्ञान प्रदर्शनी में पहला स्थान.

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at February 5, 2026 Tags: , , , ,

‘पराली से एथेनॉल उत्पादन’ और ‘फ्यूचर ऑफ़ वेस्ट मैनेजमेंट’  मॉडलस ने पाया पहला स्थान

राष्ट्र के वैज्ञानिक ही राष्ट्र के विकास को दिशा देते है: डॉ अनुपम अरोड़ा

BOL PANIPAT , 05 फरवरी, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की टीमों ने हाल ही में चिरंजी लाल राजकीय महाविधालय में हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित अंतर-जिला विज्ञान प्रदर्शनी 2025-26 में रसायन शास्त्र विषय में ‘पराली से एथेनॉल उत्पादन’ और भौतिकी विषय में ‘कचरा प्रबंधन का भविष्य’ मॉडलस के बूते पर दोनों विषयों में पहला स्थान हासिल कर कॉलेज और जिले का मान बढाया जिसमे करनाल और पानीपत जिले के विभिन्न कालेजों ने भाग लिया । कॉलेज की रसायन शास्त्र की टीम जिसमें बीएससी (प्रथम वर्ष) के छात्र मानसा और अंकित शामिल रहे ने अपने मॉडल से सभी को प्रभावित किया । मानसा और अंकित द्वारा बनाया गया ‘प्रोडक्शन ऑफ़ एथेनॉल फ्रॉम राइस स्ट्रॉ’ का क्रियाशील मॉडल मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा जिस पर सबसे अधिक भीड़ देखी गई और जहाँ पर अधिकतम छात्र-छात्राएं अपनी जिज्ञासा को शांत करते नजर आये । इस मॉडल में दिखाया गया कि कैसे चावल की स्ट्रॉ (पराली) से एथनोल बनाया जा सकता है और कैसे पराली की समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। इस एथेनॉल को इंधन और अन्य विकल्पों में प्रयोग में लाया जा सकता है । इस मॉडल को प्रथम स्थान मिला । इसी प्रकार भौत्की विषय में बीएससी के छात्र सपना शर्मा और अनूप जयनाथ चौहान द्वारा बनाये गए मॉडल ’कचरा प्रबंधन का भविष्य’ मॉडल को भी सराहना के साथ प्रथम स्थान मिला । कॉलेज प्रांगण में पहुँचने पर विजेता विद्यार्थियों का स्वागत प्रधान दिनेश गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, प्रो मयंक अरोड़ा और अन्य प्राध्यापकों ने किया ।

दिनेश गोयल ने कहा कि वैज्ञानिकों के काम का सामाजिक महत्व होने के बावजूद भी वे अपने शोध कार्यों की उपयोगिता के बारे में समाज को नहीं बता पाते । इसके पीछे वैज्ञानिकों द्वारा उपयोग की जाने वाली जटिल भाषा मुख्य रूप से जिम्मेदार होती है जिसे आमलोग आसानी से समझ नहीं पाते है । परन्तु इन छात्रों ने इस क्रियाशील मॉडल के माध्यम से मुश्किल से मुश्किल सिद्धांत को भी आसानी के साथ समझाया है । इस प्रकार के मॉडल से हम सभी में अज्ञात को जानने की जिज्ञासा पैदा होती है । ऐसे मॉडल के माध्यम से हम में गहन समस्या के कारणों और प्रभावों को जानने की इच्छा पैदा होती है । भावुकता से परे होकर असली कारणों को जानना तथा कुछ नया खोजने और पुरानी वैज्ञानिक प्रक्रियाओं एवं विधियों को जांचने का नाम ही विज्ञान है । वैज्ञानिक प्रयोग ही हमारे ज्ञान का विस्तार करते है और इन्ही के माध्यम से मानव समाज की समस्याओं के समाधान के रास्ते हमें बताते है । तर्क और सच्ची समीक्षा से युक्त व्यक्ति ही सच्चा वैज्ञानिक होता है । विज्ञान के बिना ज्ञान और विकास में वृद्धि संभव ही नहीं है । इन मॉडलस को देखकर उन्हें विश्वास हो गया है कि आज के विज्ञान के छात्र वाकई में भविष्य में कुछ नया कर गुजरेंगे ।

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि इस तरह की विज्ञान प्रदर्शनियों और अन्य प्रतियोगिताओं को आयोजित करने का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को विज्ञान के प्रति जागरूक करना है । नए प्रयोग नई सोच को बढ़ावा देते है जिनसे ही जिम्मेदार नागरिक तथा वैज्ञानिक तैयार होते है । विज्ञान हर नए अनुसंधान के साथ मानव जीवन को अधिक सरल बनाता चला जा रहा है । आज विज्ञान के बढ़ते चहुंमुखी विकास के कारण मानव दुनिया के हर क्षेत्र में सबसे आगे है । मानव ने विज्ञान की सहायता से पृथ्वी पर उपलब्ध हर चीज को अपने काबू में कर लिया है । विज्ञान की सहायता से हम ऊंचे आसमान में उड़ सकते हैं और गहरे पानी में सांस ले सकते हैं । विज्ञान के बढ़ते हुए विकास के कारण ही हम चंद्रमा से लेकर मंगल ग्रह तक पहुंच पाए हैं । प्राचीन काल में जो चीजें असंभव सी प्रतीत होती थी वे विज्ञान के बढ़ते शोध एवं ज्ञान के कारण अब साधारण सी दिखने लगी है । इन छात्रों ने ऐसे सुन्दर मॉडलस को बनाकर अपनी वैज्ञानिक सोच को नया विस्तार दिया है और हम में भविष्य के लिए नए विचार और सोच पैदा की है ।

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