जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त. उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश.
सीएम विंडो से जन संवाद तक हर शिकायत पर प्रशासन की पैनी नजर, लंबित मामलों पर तय होगी जवाबदेही
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी, पेंडेंसी खत्म करने के लिए उपायुक्त का सख्त संदेश
जनता की शिकायतों का त्वरित निस्तारण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता, देरी करने वाले विभागों पर होगी कार्रवाई: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
BOL PANIPAT , 3 जुलाई। हरियाणा सरकार द्वारा आमजन की शिकायतों के समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समाधान प्रकोष्ठ की समीक्षा लगातार की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को हरियाणा सरकार के अभिलेखागार विभाग के आयुक्त एवं सचिव साकेत कुमार, आईएएस की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समाधान प्रकोष्ठ, सीएम विंडो, जन संवाद, सीपी ग्राम तथा जनता समाधान शिविर से संबंधित लंबित शिकायतों की समीक्षा की गई। बैठक के उपरांत जिला सचिवालय सभागार में उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिला स्तर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर लंबित मामलों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि जनता की शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने विभागवार लंबित शिकायतों की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों से देरी के कारण पूछे और प्रत्येक मामले का निर्धारित समय सीमा में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की सभी शिकायतों का निस्तारण हो चुका है, उनके अधिकारियों को समीक्षा बैठकों में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है। केवल वही विभाग बैठक में शामिल हों जिनके पास लंबित शिकायतें हैं, ताकि समीक्षा अधिक प्रभावी ढंग से हो सके और पेंडेंसी को तेजी से समाप्त किया जा सके।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत पर गंभीरता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करें तथा अद्यतन कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) समय पर संबंधित पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में देरी से आमजन का प्रशासन पर विश्वास प्रभावित होता है, इसलिए सभी अधिकारी अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करें।
उन्होंने कहा कि हर शिकायत किसी नागरिक की उम्मीद और विश्वास से जुड़ी होती है। इसलिए शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न होकर संतोषजनक और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। सरकार की मंशा है कि प्रत्येक नागरिक को त्वरित न्याय और बेहतर प्रशासनिक सेवाएं मिलें तथा शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में एडीसी अंकित चौकसे, एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, डीआरओ कलब लाकड़ा, डीडीपीओ राजेश शर्मा, एक्सईएन (पीएच) करण बहल, बीडीपीओ शक्ति सिंह, शीतल, संजीव शर्मा, रमेश सहित नगर निगम एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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