अधिकारी समस्याओं की तरफ न देखकर समाधान की तरफ देंखे: सीईओ नरेन्द्र पाल मलिक
-जनता समाधान शिविर में हो रहा पुरानी से पुरानी समस्याओं का समाधान
-समाधान शिविर में पहुंची 57 समस्याएं, मौके पर दिए समाधान के निर्देश
-शिविर में ज्यादातर समस्याएं पैंशन विभाग, क्रीड व पुलिस विभाग से संंबंधित आई
BOL PANIPAT, 3 जनवरी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह के दिशानिर्देश अनुसार हर जिले व उपमंडल में आयोजित किये जा रहे जनता समाधान शिविर में अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर पहुंच रहे शिकायतकर्ता समाधान के बाद उत्सव मनाते हुए घर लौटते है। शिविर में पैंशन व क्रीड से जुड़ी जो समस्याएं लंबित थी उन पर विभाग द्वारा गंभीरतापूर्वक संज्ञान लिया जा रहा है। शुक्रवार को जिला सचिवालय के सभागार में जनता समाधान शिविर में जन समस्याओं की सुनवाई करते हुए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेन्द्र पाल मलिक ने कहा कि अधिकारियों को समस्या की गंभीरता में जाना चाहिए। बगैर गंभीरता मेंं जाएं समाधान असंभव है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के लोगों की चिंता करते है जिसके चलते ये समाधान शिविर आयोजित किये जा रहे है। इन शिविरों में पुरानी से पुरानी समस्याओं का निदान विभाग के अधिकारियों के सहयोग से हो रहा है। जो लोग समस्याओं को लेकर जूझ रहे थे व समाधान नजर नहीं आ रहा था। अब उनके चेहरे पर खुशी की लहर है व समस्याओं के तत्परता से हो रहे समाधान से उनकी परेशानियां काफी हद तक कम हो गई है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि शिविर में यह सोचकर जिले के नागरिक पहुंचते है कि उनकी समस्या का पता नहीं समाधान होगा या नहीं लेकिन अधिकारियों के प्रयासों से उनका यह भम्र उस वक्त टूट जाता है जब अधिकारी उनकी समस्या का तत्काल निपटान करते है।
समाधान शिविर में शिकायत लेकर पहुंची योगिता वासी भाटिया कॉलोनी ने प्रशासन से प्रार्थना की कि उनकी बेटी की शादी अप्रैल 2024 में हुई थी। विवाह शुगन योजना के लाभ के लिए आवेदन भी किया था। स्वीकृति का मैसेज भी आ गया था लेकिन आज तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने संबंधित विभाग को संज्ञान लेने के निर्देश दिए।
शिकायतकर्ता शीला वासी भंढारी ने प्रशासन से प्रार्थना की कि उनके पति की टीबी के चलते मृत्यु हो चुकी है। सरकार द्वारा दीन दयाल योजना के अुनसार 3 लाख रूपये तक लाभ दिया जाता है लेकिन उन्हें किसी भी तरह का लाभ नहीं मिला है। अधिकारी कहते है कि उन्हें दूसरी योजना का लाभ लिया है। उन्होंने बताया कि यह वैरीफाई हो चुका है। कृप्या मुझे बकाया राशि दिलवायें जाएं। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सीएमओ को जांच करने के निर्देश दिए।
शिकायतकर्ता शर्मिला वासी हाकिम करतार सिंह चौंक ने प्रशासन से अनुरोध किया कि मुझे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्लाट मिलना था। मुझे बीमार होने के कारण अभी तक यह प्लाट नहीं मिला है। उन्होंने प्रशासन से इसका समाधान करने की प्रार्थना की। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सीएमसी को जांच करने के निर्देश दिए।
शिकायतकर्ता यशपाल ने प्रशासन से अनुरोध किया कि सचिवालय की तीसरी मंजिल पर अवैध रूप से कैंटिन चल रही है। उन्होंने प्रशासन से इस पर संज्ञान लेने की प्रार्थना की व बताया कि इससे सचिवालय में चोरी जैसी घटनाएं हो सकती है। पुलिस अधीक्षक ने जांच करने की बात कही।
पुलिस अधीक्षक लोकेन्द्र सिंह ने पुलिस विभाग से जुड़ी अनेको समस्याओं को लेकर पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पूरी जांच के बाद आगे कार्यवाही करें व उनके मापदंड पर मामला खरा उतरता है तो एफआईआर भी दर्ज करें। पुलिस अधीक्षक ने समाधान शिविर में पहुंच रही समस्याओं का साथ साथ निपटान करने के निर्देश दिए।
सीटीएम टीनू पोसवाल ने समाधान शिविर में अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविर में समस्याओं का निदान समय पर होता है तो लोगों का प्रशासन के प्रति और विश्वास मजबूत होता है। हम सबने इस विश्वास को कायम रखना है व जन समस्याओं का कम से कम समय में समाधान करना है।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक लौकेंद्र सिंह, नगराधीश टीनू पोसवाल, खजाना अधिकारी हजारा सिंह, डीआरओ रणविजय सिंह सुल्तानिया, सीएमओ जंयत आहुजा, डीएफओ विजय लक्ष्मी, जिला रोजगार अधिकारी रीतू चहल, खादय एवं आपूर्ति नियंत्रक नीतू, डीईटीसी पुनित शर्मा, डीईटीसी विरेन्द्र ढूल एक्साइज, पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता प्रदीप, पब्ल्कि हैल्थ के कार्यकारी अभियंता संजय शर्मा, डीटीपी सुनील आंतिल, आरओ भूपेन्द्र सिंह, आरटीओ डॉ.नीरज, प्रशिक्षक सुषमा, पशुपालन विभाग के डॉ.माणिक, बिजली विभाग के एसडीओ नरेन्द्र जागलान, संजीव शर्मा, जोगेन्द्र सिंह के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Comments