विल पावर का इस्तेमाल करके करें अधिकारी समाधान शिविरों में आने वाली समस्याओं का समाधान :मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेन्द्र पाल मलिक
-समस्याओं के समाधान में नहीं देरी कोई गुजांइश :एसपी लोकेन्द्र सिंह
-समाधान शिविर में आई 110 शिकायतें, मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने समाधान के दिए निर्देश
-शिविर में ज्यादातर समस्याएं क्रीड, पुलिस, बिजली व जन स्वास्थ्य विभाग से संबंधित आई
BOL PANIPAT , 21 जनवरी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह ने हर वर्ग को समृद्घ व खुशहाल बनाने को लेकर जो कल्पना की है उसे प्रदेश भर में आम जन व अधिकारियों के सहयोग से मजबूती के साथ धरातल पर उतारा जा रहा है। जनता समाधान शिविर भी उसी कड़ी का हिस्सा है। इन समाधान शिविरों में आने वाली समस्याओं का समाधान अधिकारी अपनी विल पावर का इस्तेमाल करके करते है। जनता समाधान शिविर में आमतौर पर यह देखने में आया है कि जो लोग समस्याओं को लेकर हार मान चुके थे अब उनमें हौंसले की किरण दिखाई पड़ती है।
मंगलवार को जिला सचिवालय सभागार में आयोजित समाधान शिविर की अध्यक्षता करते हुए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेन्द्र पाल मलिक ने कहा कि अधिकारियों को समस्याओं के समाधान में सूझ-बूझ का परिचय देना चाहिए व जो भी समस्याएं शिकायतकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत की जाती है उन्हें पूरे आत्मविश्वास के साथ जल्द से जल्द निदान करना चाहिए।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि समाधान शिविरों की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है। स्वयं मुख्यमंत्री समाधान शिविरों की गतिविधि को ऑनलाइन देखते है। कई बार मुख्यमंत्री कार्यालय से भी उच्च अधिकारी शिविरों में समस्या लेकर आने वाले शिकायतकर्ताओं से शिकायत की स्थिति को जानते है व अधिकारियों द्वारा किये जा रहे समाधान पर भी जानकारी लेते है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि समाधान शिविर में ज्यादातर वहीं समस्याएं आ रही है जो फैमली आईडी में इनकम कम करवाने से संबंध रखती है। कुछ लोग आधार कार्ड बनवाने के लिए व रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान करवाने के लिए भी पहुंचते है। अधिकारी जिनका समाधान समस्या की स्थिति को देखकर करने का प्रयास करते है।
पुलिस अधीक्षक लोकेन्द्र सिंह ने समाधान शिविर में उनके विभाग से जुड़ी अनेक समस्याओं को गंभीरता से सुना व कई मामलों में विभाग के अधिकारियों को मोबाइल के जरिये जल्दी से जल्दी समाधान करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जब सभी समस्याओं का समाधान प्रशासन द्वारा ही होना है तो इसमें देरी की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समाधान शिविर में समस्याओं को लेकर पहुंच रहे शिकायतकर्ताओं के समस्याओं पर और तीव्रता से कार्य करें।
समाधान शिविर में पहुंचे गोयल कलां के सरपंच अनिल कुमार ने प्रशासन से गांव में पीने के पानी का टयूबल लगवाने, गांव में परिवहन विभाग की बस शुरू करवाने व गांव में खाली पड़ी जमीन पर पौधारोपण करवाने, गांव मिर्जापुर में रिंग बांध की जमना वाली साईट को पक्का करने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने परिवहन विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग व डीएफओ को जांच करने के निर्देश दिए।
प्रार्थी राजेश वासी अशोक विहार कॉलोनी ने प्रशासन से राशन कार्ड में नाम दर्ज करवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मेरी माता जी का नाम राशन कार्ड में जोड़ दिया जाएं ताकि मैं अपनी मां की सेवा कर सकूं। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने खादय एवं आपूर्ति नियंत्रक कुमारी नीतू को जांच के आदेश दिए।
शिकायतकर्ता यशपाल ने प्रशासन से सामान्य अस्पताल मे ऑनलाइन कैश लेने की बनाई गई नीति के प्रति असंतोष प्रकट करते हुए इसमें सुधार करने की अपील की ताकि जनता को इसका लाभ मिल सके। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने उपरोक्त शिकायतकर्ता की समस्या सीएमओ जंयत आहुजा को भेजी।
प्रार्थी संदीप वासी हरि नगर ने प्रशासन से प्रार्थना की कि हरि नगर कच्चा फाटक में मेरे प्लाट में सरकारी बिजली का खंभा लगा हुआ है। जिसके ऊपर से बिजली की लाइन खिंची हुई है जिसके तार काफी मकानों के ऊपर से गुजर रही है। जिसके कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने इस पर संज्ञान लेने की अपील की। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने उपरोक्त शिकायतकर्ता की शिकायत पर जांच के आदेश दिए।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक लौकेंद्र सिंह, एसडीएम ब्रह्मïप्रकाश, नगराधीश टीनू पोसवाल, सीएमओ जंयत आहुजा, खजाना अधिकारी हजारा सिंह, डीआरओ रणविजय सिंह सुल्तानिया, जिला रोजगार अधिकारी रीतू चहल, डीएफएससी कुमारी नीतू, जिला मतस्य अधिकारी अनुज कुमारी, वेयर हाऊस मैनेजर मधु, प्रशिक्षक सुष्मा, पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता प्रदीप, एलडीएम राजकुमार, डीडीपीओ मनिष मलिक, पशुपालन विभाग के एसडीओ श्री भगवान, आईटीआई प्रिंसीपल डॉ.कृष्ण, डॉ.अशोक लोहान, पुलिस कैप्लेड अधिकारी सुरेश, संजीव शर्मा, जोगेन्द्र सिंह के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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