जिले ने हासिल किया 70.04 स्कोर, ग्रीन जोन में पहुंचा प्रशासन : उपायुक्त डॉ .विरेंदर कुमार दहिया
सीएम विंडो शिकायतों पर सख्त मुख्यमंत्री, लंबित मामलों के त्वरित निपटान के दिए सभी अधिकारियों को निस्तारण के निर्देश
समाधान शिविरों की समीक्षा तेज, शिकायतों के निपटान में पारदर्शिता और गति पर जोर
मुख्यमंत्री ने की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की समीक्षा बैठक
BOL PANIPAT , 19 मई। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को सीएम विंडो हरियाणा के अंतर्गत लंबित विभिन्न विभागों की शिकायतों की समीक्षा को लेकर प्रदेशभर के उपायुक्तों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने नई एवं पुरानी शिकायतों के समाधान को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निपटान सुनिश्चित किया जाए।
महीने में एक बार सभी विभागों के साथ समीक्षा बैठक करें। एक नोडल ऑफिसर नियुक्त करें।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान सभी जिलों के अधिकारियों से उनके जिले का प्रदर्शन और स्कोर भी जाना तथा लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।
उपायुक्त डॉ. विरेंद्र कुमार दहिया ने मुख्यमंत्री को जिले की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया में लगातार सुधार किया जा रहा है। जिला अब ग्रीन जोन में पहुंच चुका है और जिले का स्कोर बढ़कर 70.04 हो गया है।
उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि आने वाले समय में इस स्कोर में और अधिक सुधार किया जाएगा तथा शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जाएगा।
उपायुक्त ने सीएम विंडो विंडो से संबंधित शिकायतों पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए कहा कि जनता की शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उपायुक्त डॉ दहिया ने कहा कि सीएम विंडो सरकार और जनता के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम है, इसलिए अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि शिकायतों का शीघ्र समाधान किया जाए।
उपायुक्त डॉ. विरेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा समाधान शिविरों में आने वाली शिकायतों की भी नियमित समीक्षा की जाती है।
उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिकायतों का गंभीरता से समाधान करें ताकि आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निपटान में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभागवार मॉनिटरिंग की जा रही है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता दे। जनता को उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान मिले और प्रशासनिक व्यवस्था पर लोगों का विश्वास और मजबूत हो।
उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न बने, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।
समीक्षा बैठक में नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज यादव, अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे, पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम विवेक चौधरी, उपमंडल अधिकारी (ना.)मनदीप कुमार, उपमंडल अधिकारी समालखा अमित कुमार, उपमंडल अधिकारी इसराना नवदीप नैन,नगराधीश टीनू पोसवाल, स्टेट ऑफिसर प्रतीक, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजेश शर्मा, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेश सैनी, पीडब्ल्यूडी विभाग से कार्यकारी अभियंता साबित पन्नू, जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा, जिला समाज कल्याण अधिकारी जयपान हुड्डा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी डॉ. नीरज, तहसीलदार वीरेंद्र गिल, तहसीलदार नरेंद्र दलाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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