मित्रता का नाम लेने पर सबसे पहले भगवान श्री कृष्ण और सुदामा का चरित्र ही हमें याद आता है : श्री हरि वर्षा कौशल जी महाराज
BOL PANIPAT (21 सितम्बर) पितृपक्ष के पावन उपलक्ष्य में श्री जी रसिक बिहारी सेवा संकीर्तन के तत्वावधान में श्री राधा कृष्ण मन्दिर, मेन बाजार, के पावन प्रांगण में सात दिवसीय श्री मद्भागवत कथा के अंतिम दिन अर्थात विश्राम दिवस पर मुख्य अतिथि अनुभव मित्तल, माधुरी मित्तल ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। तत्पश्चात कथा करते हुए वृन्दावन से पधारी भागवत रसिक परम श्रद्धेय देवी श्री हरि वर्षा कौशल जी महाराज ने सुदामा चरित्र सुनाते हुए कहा कि मित्रता वह शब्द है जिसका नाम लेने पर सबसे पहले भगवान श्री कृष्ण और सुदामा का चरित्र ही हमें याद आता है। सुदामा जब भगवान कृष्ण से मिलने के लिए द्वारिका की तरफ चलते हैं तो उनके पास भगवान को देने मुट्ठी भर चावल थे। लेकिन भगवान वह चावल भी बड़े प्रेम और सत्कार से स्वीकार करते हैं। इसका एक अभिप्राय यह भी है कि यदि हमें कोई व्यक्ति कुछ भी भेंट दे तो हमें उसके बारे में मीन मेख न निकालकर उसे प्रेम से स्वीकार करना चाहिए यही धर्म है। इससे पूर्व प्रसिद्ध भजन गायक हरीश चुघ ने मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है, करते ’ भजन सुनाकर उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर झूमने पर मजबूर कर दिया। कथा के यजमान काजल पोपली और प्रीति सिंगला रहे। इस अवसर पर निशांत, टोनी, मुनीश राणा, प्रेम सरदाना, तरूण चावला, संजय चावला, राजू बंसल, अश्विनी अरोड़ा, जगन्नाथ, प्रिन्स, सुमित शर्मा, प्रवीण शर्मा, ओम प्रकाश बरेजा, प्रवीण, मदन चावला आदि उपस्थित थे।

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