धरातल से जुड़ी योजनाओं को ही मिले प्राथमिकता, पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे हर योजना का लाभ: एडीसी अंकित चौकसे
पीएम -एजेवाई योजनाओं की गहन समीक्षा, प्रभावी क्रियान्वयन और जनजागरूकता बढ़ाने पर दिया गया विशेष जोर
BOL PANIPAT , 8 जुलाई। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम -एजेवाई) के अंतर्गत जिला स्तरीय परियोजना मूल्यांकन सह अभिसरण समिति की बैठक जिला सचिवालय में बुधवार को आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे पुलिस ने की। बैठक में अनुसूचित जाति वर्ग के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से तैयार विभिन्न स्वरोजगार एवं कौशल विकास आधारित प्रस्तावों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने प्रत्येक प्रस्ताव और योजना पर क्रमवार चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों से उसकी व्यवहारिकता, लाभार्थियों तक पहुंच तथा वास्तविक उपयोगिता की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की मंशा केवल योजनाएं तैयार करना नहीं बल्कि उनका लाभ पात्र व्यक्तियों तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है। जिन योजनाओं के संबंध में यह पाया गया कि उनका अपेक्षित लाभ धरातल पर नहीं मिल पा रहा है या वर्तमान परिस्थितियों में उनकी उपयोगिता सीमित है, उन्हें परियोजना सूची से हटाने तथा व्यवहारिक एवं रोजगारपरक योजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि स्वरोजगार, कौशल विकास, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता तथा अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ एकीकृत रूप से लाभार्थियों तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच बेहतर अभिसरण, समयबद्ध कार्रवाई तथा नियमित निगरानी अत्यंत आवश्यक है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि योजना के प्रति लोगों में व्यापक जागरूकता पैदा करने के लिए गांव एवं ब्लॉक स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएं। पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें आवेदन प्रक्रिया, प्रशिक्षण, ऋण एवं अनुदान संबंधी सभी जानकारियां सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाएं ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार इन योजनाओं से जुड़ सकें।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि सरकारी योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी जब उनका लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। प्रत्येक योजना की उपयोगिता, व्यवहारिकता और रोजगार सृजन की क्षमता का गंभीरता से मूल्यांकन किया जा रहा है। जो योजनाएं वर्तमान परिस्थितियों में प्रभावी नहीं हैं, उन्हें संशोधित अथवा हटाकर ऐसे प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाएगी जो लोगों को स्थायी आजीविका उपलब्ध करा सकें। सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें ताकि समाज के वंचित वर्गों का आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की मंशा के अनुरूप हो सके।
बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय, प्रशिक्षण व्यवस्था, जन जागरूकता, अभियान तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर सीईओ जिला परिषद डॉ. किरण कुमारी, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, सीएमओ विजय मलिक, डिप्टी डीईओ सुमन कादयान, मनीष गुप्ता, डीएसडब्ल्यू जयपाल हुड्डा, निरीक्षक विनोद कौशिक, पब्लिक हेल्थ के कार्यकारी अभियंता करण बहल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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