कन्या भ्रूण हत्या रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी, जागरूकता से ही मिलेगी सफलता: अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे
बेटी बचाओ अभियान को मिलेगी नई मजबूती, पीसीपीएनडीटी व एमटीपी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन पर मंथन
लिंग चयन व अवैध गर्भपात पर होगी सख्त कार्रवाई, अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश
सूचना देने वालों की पहचान रहेगी पूरी तरह गोपनीय, इनाम योजना का अधिक से अधिक प्रचार करने के निर्देश
BOL PANIPAT , 8 जुलाई। जिला सचिवालय स्थित अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में बुधवार को अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे की अध्यक्षता में पीसीपीएनडीटी एवं एमटीपी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन तथा लिंग चयन एवं अवैध गर्भपात पर रोक को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में सरकार द्वारा लागू इनाम राशि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने तथा कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने कहा कि बेटी बचाना केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। पीसीपीएनडीटी एवं एमटीपी अधिनियम का उद्देश्य प्रत्येक बेटी को जन्म लेने का अधिकार और सुरक्षित भविष्य प्रदान करना है। किसी भी प्रकार का लिंग चयन, कन्या भ्रूण हत्या अथवा अवैध गर्भपात कानूनन गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इनाम योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए ताकि आमजन निर्भीक होकर सूचना दें और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
बैठक में उपस्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय मलिक ने कहा कि स्वस्थ और संतुलित समाज के निर्माण के लिए बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वास्थ्य विभाग पीसीपीएनडीटी एवं एमटीपी अधिनियम का पूरी गंभीरता से पालन सुनिश्चित कर रहा है। यदि कोई व्यक्ति लिंग चयन, अवैध गर्भपात या इससे जुड़ी किसी भी गैरकानूनी गतिविधि की सूचना देता है तो उसकी पहचान पूर्णत: गोपनीय रखी जाएगी तथा सरकार की इनाम योजना के तहत नियमानुसार प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ऐसे मामलों की जानकारी व्हाट्सएप या हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत दें और बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ अभियान को जन-जन का आंदोलन बनाने में अपना सक्रिय सहयोग दें।
बैठक में बताया गया कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत लिंग चयन (सेक्स डिटरमिनेशन) संबंधी सूचना देने वाले व्यक्ति को एक लाख रुपये तक की इनाम राशि तथा 35 हजार रुपये की डिकॉय राशि प्रदान की जाएगी। वहीं एमटीपी अधिनियम के तहत अवैध गर्भपात की सूचना देने पर 10 हजार रुपये की इनाम राशि तथा 25 हजार रूपए की डिकॉय राशि का प्रावधान है। अतिरिक्त उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी। बैठक में सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि कानून के प्रभावी पालन, नियमित निरीक्षण, जन-जागरूकता अभियानों तथा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के माध्यम से जिले में लिंग चयन और अवैध गर्भपात जैसी सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई कि वे ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को देकर बेटी बचाने के इस सामाजिक अभियान में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

Comments