Friday, April 17, 2026
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संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती समारोह में शामिल होने हेतु आम जनता को खुला निमंत्रण – अशोक शेरवाल

By LALIT SHARMA , in Politics RELIGIOUS , at January 24, 2026 Tags: , , , ,

-संत रविदास जैसे संत सैकड़ों वर्षों में एक बार लेते है जन्म:अशोक कटारिया

BOL PANIPAT : 24 जनवरी श्याम कमल भाजपा कार्यालय पानीपत में अनुसूचित जाति मोर्चा की जिला कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया । जिला महामंत्री अनिल खत्री ने बैठक में आएं सभी पदाधिकारियों का स्वागत किया । बैठक की शुरुआत भारत माता की जय और भारत माता के सामने पुष्प अर्पित करके हुई । बैठक को जिलाध्यक्ष रोकी गहलोत , रमेश सैन , अशोक कटारिया , अनिल पंवार ने संबोधित किया । बैठक में पहुंचने पर महामंत्री सुभाष कबीरपंथी ने सभी का धन्यवाद किया । प्रदेश से पहुंचे अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सत्यप्रकाश जरावता का कार्यकर्ताओं के द्वारा भव्य स्वागत किया गया । अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सत्यप्रकाश जरावता की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती को भव्य रूप से मनाने की तैयारियों की रूपरेखा तैयार करना था। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सैकड़ों की संख्या और पानीपत की चारों विधानसभाओं से अपार जनसमूह जंयती में भाग लेगा ।
प्रदेश अध्यक्ष सत्यप्रकाश जरावता ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा, कि शिक्षा ही वह साधन है जो गरीब परिवार के छात्र को भी शिखर तक पहुंचा देती है इसी के दृष्टिगत प्रतिवर्ष 24 जनवरी को विश्व शिक्षा दिवस सभी देशों में मनाया जाता है उन्होंने उपस्थित जनसमूह को विश्व शिक्षा दिवस की बधाई भी दी ओर उन्होंने कहा “गुरु रविदास जी का संदेश सामाजिक समरसता और मानवता का मार्ग प्रशस्त करता है। उनकी जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उनके बताए गए ‘समानता’ और ‘भाईचारे’ के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का दिन है। हम सभी को मिलकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाना है।” संत रविदास जी एक ऐसे युगपुरुष थे जिन्होंने उस समय समाज को राह दिखाई जब देश में छुआछूत, ऊंच-नीच और पाखंड का अंधकार फैला हुआ था। उन्होंने किसी शास्त्र या किताबी ज्ञान से नहीं, बल्कि अपने सरल आचरण और कर्म से दुनिया को भक्ति का सही मार्ग दिखाया। जिला महामंत्री सुनील कंसल ने कहा आज समाज जिस असंतुलन तनाव और मूल्यहीनता के दौर से गुजर रहा है और मानवता की रक्षा करने वाले नए मनुष्य की खोज कर रहा है ऐसे समय में गुरु रविदास के विचारों की प्रासंगिता ओर भी बढ़ गई है कि रविदास जी ने एक ऐसे समाज की कल्पना की थी जिसे उन्होंने “बेगमपुरा” कहा था। एक ऐसा शहर, एक ऐसा समाज जहाँ न कोई दुख हो, न कोई छोटा-बड़ा हो और न ही कोई भेदभाव हो। आज प्रधानमंत्री जी और हमारी सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प में कहीं न कहीं संत रविदास जी के उसी ‘बेगमपुरा’ की झलक दिखाई देती है।
अशोक शेरवाल ने कहा कि तत्कालीन समाज में व्याप्त छुआछूत और जातिगत भेदभाव का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा था:
​”जाति-जाति में जाति हैं, जो केतन के पात। रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात । प्रसिद्ध लोकोक्ति “मन चंगा तो कठौती में गंगा” उन्हीं की देन है। इसका अर्थ है कि यदि हृदय पवित्र है, तो ईश्वर आपके पास ही हैं, आपको कहीं बाहर भटकने या आडंबर करने की आवश्यकता नहीं है।
पूर्व जिलाध्यक्ष अनुसुचित मोर्चा व जिला सचिव रविन्द्र तुषामंड ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का एक प्रसिद्ध दोहा आज भी हमें जीवन का सार समझाता है ,
​”मन चंगा तो कठौती में गंगा”
​अर्थात, यदि हमारा मन पवित्र है, हमारे इरादे नेक हैं, तो साक्षात ईश्वर हमारे भीतर ही निवास करते हैं। हमें बाहर तीर्थों में भटकने की आवश्यकता नहीं है। इसलिए हमें उनके द्वारा बनाए गए मार्ग पर चलकर अपना जीवन सफल बनाना चाहिए ।
इस बैठक में जिला कार्यकारिणी के सदस्य , अनिल पंवार , ज्योति ऐडवोकेट , अमित बहोत , जिला महामंत्री सुनील कंसल , अशोक कटारिया , जिला अध्यक्ष एस.सी. मोर्चा के जिलाध्यक्ष व पार्षद रॉकी गहलोत , रोहित बड़गुर्जर आदि गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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