Tuesday, May 19, 2026
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‘मैत्रेयी पुष्पा की कहानियां में चित्रित नारी’ विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया। 

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at February 16, 2024 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : आई. बी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पानीपत, क्लास गतिविधि के अंतर्गत बी. ए. द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा डॉ. शर्मिला यादव के संयोजन ने ‘मैत्रेयी पुष्पा की कहानियां में चित्रित नारी’ विषय पर 15 छात्र छात्राओं द्वारा ‘फैसला’ कहानी पर  समूह वैचारिक मंथन किया गया | डॉ. शर्मिला यादव ने बताया कि यह कहानी स्त्री की व्यक्तित्व हीनता और अधिकार हीनता की दमघोटू कैद से मुक्त होने की छटपटाहट, स्त्री-अस्मिता आंदोलन की बात ही नहीं कही, अपितु उससे भी एक कदम आगे बढ़कर स्त्री की नई छवि गढ़ती दिखाई देती है | वह पुरुष की दुनिया में प्रविष्ट होकर राजनीतिक ताकत को अपना हथियार बनाकर उद्धार की ओर संकेत की बात करते है |वह जानती है कि कांटे से कांटा निकाला जा सकता है | इसलिए वह दो पुरुषों को आमने-सामने खड़ा कर और अपने वोट की ताकत से पुरुष शक्ति और वर्चस्ववादी मनसूबों को धराशायी करना चाहती है, ताकि संसद, विधानसभा, ग्राम सभा और परिवार में स्त्री को उसका अधिकार  दिला सके | इस प्रकार ‘फैसला’ कहानी एक सशक्त रचना है जो स्त्री-विमर्श को नई पहचान दिलाने की दिशा में ठोस कदम है | युवा वर्ग शिक्षित है इसलिए उसको जागरूक होकर उत्साह से साथ-साथ अपने मत का प्रयोग करना चाहिए | आज समाज स्त्री-पुरुष में समान शिक्षा पर कायम है तो प्रत्येक नागरिक को मत का प्रयोग बौद्धिक स्तर पर तय करना होगा |
कॉलेज प्राचार्य डॉ. अजय कुमार गर्ग ने कहा कि आज समाज सशक्तिकरण की ओर अग्रसर हो चुका है | समकालीन परिवेश शोषण के प्रति विद्रोह, वृद्धो , अशिक्षित, विधवा नारियों का चित्रण एवं संघर्षशील स्त्री के जीवन के विभिन्न पहलुओं की भीषणता को अनावरण करता है | ‘फैसला’ कहानी वर्तमान में भी उतनी ही प्रासंगिक है क्योंकि आपका एक वोट भी हार जीत का कारण बन सकता है | इसलिए मत का प्रयोग विवेक से सोच- समझकर करना चाहिए इस विचार गोष्ठी में प्रथम स्थान प्रिया, द्वितीय स्थान, निशु एवं तृतीय स्थान पर तनिषा  ने प्राप्त किया |
लगभग 15-20 विधार्थियों ने उत्साह पूर्वक भागीदारी दी |कॉलेज प्राचार्य द्वारा सभी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन के साथ-साथ साधुवाद दिया |

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