Tuesday, February 10, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज में “ड्रग एब्यूज” (मादक पदार्थों का दुरूपयोग) पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय जागरूकता वर्कशॉप का आयोजन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at February 25, 2022 Tags: , , , ,

इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी हरियाणा स्टेट ब्रांच चंडीगढ़ के तत्वाधान में हुआ आयोजन

अपने लक्ष्यों को पाने और उर्जा के सही संचालन का नशा करे युवा: डॉ अर्चना गुप्ता

राष्ट्र को नशेड़ी नहीं मजबूत और संस्कारी युवा चाहिए: अवनित कौर   मानवता की सेवा करने वाली सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय संस्था है रेड क्रॉस: डॉ राजेन्द्र सैनी

कॉलेज में मादक पदार्थों के दुरूपयोग पर जागरूकता केंद्र स्थापित करने की घोषणा: डॉ अनुपम अरोड़ा  

BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज में स्थापित युवा रेड क्रॉस और इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी हरियाणा स्टेट ब्रांच चंडीगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में “ड्रग एब्यूज” (मादक पदार्थों का दुरूपयोग) विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन हुआ जिसमें बतौर मुख्य अतिथि डॉ अर्चना गुप्ता जिला भाजपा अध्यक्ष पानीपत ने शिरकत की. विशिष्ट मेहमान के तौर पर अवनित कौर मेयर पानीपत ने भी कार्यशाला में हिस्सा लिया. वर्कशॉप का की-नॉट संबोधन फील्ड को-ऑर्डिनेटर यूथ रेड क्रॉस कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र एवं अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस से अमेरिका में सम्मानित डॉ राजेन्द्र सैनी ने दिया. कार्यशाला में रविंदर सिंह वरिष्ठ प्रोग्राम ऑफिसर हरियाणा रेड क्रॉस ब्रांच चंडीगढ़, सरबजीत सिंह रिलीफ ऑफिसर हरियाणा रेड क्रॉस ब्रांच चंडीगढ़, गौरव आर रामकरण सचिव जिला रेड क्रॉस सोसाइटी पानीपत, रोहिणी भोकर फर्स्ट ऐड एंड होम नर्सिंग ट्रेनर जिला रेड क्रॉस पानीपत और भारतीय सेना के कारगिल वीर कॅप्टन गुरमेल सिंह ने कार्यशाला में भाग लिया और अपने अनुभव सभी के साथ बांटे. इस अवसर पर एसडी पीजी कॉलेज प्रधान पवन गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, कॉलेज में युवा रेड क्रॉस के नोडल अधिकारी डॉ राकेश गर्ग और डॉ संतोष कुमारी ने माननीय मेहमानों का स्वागत पुष्प रोपित गमले और शाल भेंट कर किया. वर्कशॉप में माननीय मेहमानों ने कॉलेज के लगभग 300 युवा छात्र-छात्राओं को शराब, सिगरेट, बीडी, गुटखा, ड्रग्स इत्यादि के कुप्रभावो एवं इनसे बचने के उपायों के बारे में विस्तार से समझाया. माननीय मेहमानों का स्वागत एसडी कॉलेज प्रधान श्री दिनेश गोयल और प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, ने किया. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और प्रो नम्रता द्वारा गाई गई सरस्वती वंदना के साथ हुई तथा इसका समापन युवाओं को नशे से दूर रहने और दूसरो की भी नशे से मुक्ति हेतु शपथ दिलाकर हुआ जिसे राजेन्द्र सैनी ने दिलाया. आज के समारोह में कॉलेज के टीचिंग और नॉन-टीचिंग के उन स्टाफ सदस्यों को सम्मानित किया गया जिन्होनें कोरोना आपदा काल में निस्वार्थ भाव से लोगो की सेवा और मदद की थी जिसमे डॉ अनुपम अरोड़ा, डॉ राकेश गर्ग, डॉ बलजिंदर सिंह, डॉ संतोष कुमारी, प्रो परवीन खेरडे, डॉ संगीता गुप्ता, प्रो अन्नू आहूजा, डॉ एसके वर्मा, डॉ सुशीला बेनीवाल, डॉ रवि कुमार, डॉ राहुल जैन, डॉ पवन कुमार, शशि मोहन गुप्ता, दीपक मित्तल, बलवान, दीपक सिंह और सूरज शामिल थे. प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने प्रधान पवन गोयल की सहमती से कॉलेज में मादक पदार्थों के दुरूपयोग पर जागरूकता केंद्र स्थापित करने की घोषणा की और इस कार्य के लिए 25 हजार रूपये का प्रावधान किया.  

मुख्य अतिथि डॉ अर्चना गुप्ता जिला भाजपा अध्यक्ष पानीपत ने कहा की अपने लक्ष्यों को पाने और उर्जा के सही संचालन का नशा युवाओं को करना चाहिए. उन्होनें वो कारण गिनवाये जिनकी वजह से आज का युवा नशे में लिप्त होता जा रहा है. माता-पिता से दूर होना, मोबाईल का अधिक प्रयोग, रिश्तों में घटती गर्माहट, भविष्य निर्माण के समय में प्यार के चक्कर में पड़ना और फिर धोखा खाना, भावनात्मक आवेशों के वशीभूत होकर आज के युवा सिगरेट, शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने लगे है. युवा शुरू में तो प्रयोग और मजाक के तौर पर नशे का सेवन करते है परन्तु धीरे-धीरे यह उनकी आदत में शामिल हो जाता है. पहले वे नशे को पीते है बाद में नशा उनको पीने लगता है. उन्होनें उपस्थित युवाओं से कहा की वे नशे को आज ही ‘नो’ कहें. उन्होनें बच्चो पर विशेष ध्यान रखने की सलाह भी. उन्होनें उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं से कसम उठवाई की प्रत्येक विद्यार्थी कम से कम एक नशे के आती व्यक्ति को इस बुरी आदत से निजात दिलाने में मदद करेगा. समाज में फैली हिंसा, अपराधों और सड़क दुर्घटनाओं के पीछे नशा एक बहुत बड़ी वजह उन्होनें बीड़ी, शराब, तम्बाकू, हेरोइन, कोकीन, लएसडी या ड्रग्‍स गोलियां या जिलेटिन, क्रिस्टल मेथ इत्यादि जैसे नशो पर भी विस्तार से बात की. उन्होनें नशे से मुक्ति के लिए बतौर परामर्शदाता मदद की पेशकश भी की और अपना मोबाइल नंबर विद्यार्थियों को दिया.

विशिष्ट मेहमान अवनित कौर मेयर पानीपत ने कहा की युवाओं से सबसे ज्यादा उम्मीद उनके माता-पिता को होती है और जब युवा नशे के चक्कर में पड़ जाते है तो उनके माता-पिता पर क्या गुजरती होगी. व्यक्ति का समय यदि खाली है और उसने कोई लक्ष्य भी स्वयं के लिए निर्धारित नहीं किया है तो उसके नशे के चुंगल में फंसना  आसान हो जाता है. ऐसे में उन्होनें युवाओं से आग्रह किया की वे अपने समय का अधिक से अधिक सदुपयोग करे. लक्ष्य विहीनता और खालीपन हमें नशे की और धकेल सकते है. राष्ट्र को नसेड़ी नहीं मजबूत और संस्कारी युवा चाहिए.

फील्ड को-ऑर्डिनेटर यूथ रेड क्रॉस कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र एवं अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस से अमेरिका में सम्मानित डॉ राजेन्द्र सैनी ने रेड क्रॉस के बारे में बताते हुए कहा की रेड क्रॉस एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जिसे युद्ध में घायल होने वाले सैनिकों की सहायता के लिए बनाया गया था.आज इसका कार्य क्षेत्र और वही व्यापक हो गया है उद्देश्य मानव जीवन की रक्षा करना है चाहे वो युद्ध हो या अन्य आपदाएं. हेनरी ड्यूनेंट नामक व्यक्ति ने 1867 में इस संगठन की शुरुआत की थी. मानवता की सेवा करने वाली सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय संस्था है रेड क्रॉस. उन्होनें सव्ही युवाओं से अपील की कि वे सदा नशे से दूर रहेंगे. नशे का सबसे बुरा प्रभाव हमारे शरीर पर पड़ता है. हमें जीवन में सदा अपने माता-पिता और गुरुओं की माननी चाहिए. इससे हममे अच्छे संस्कार और मूल्य पैदा होंगे जिनसे हमें बुराइयों से लड़ने में मदद मिलेगी. धूम्रपान पर विशेष रूप से बोलते हुए उन्होनें कहा की यह हमारी सेहत के लिए बहुत अधिक खतरनाक है. इससे हमारे फेफड़ों में कैंसर और ह्रदय की बीमारी पैदा होती है. धूम्रपान करने से हमें ऐसे रोग लगते हैं जिनका इलाज करना मुश्किल होता है. रेड क्रॉस से जुड़ा व्यक्ति सैदेव अच्छे कार्य करता है जिससे हमें आत्मिक शान्ति प्राप्त होती है. रेड क्रॉस की टोपी विश्वास और गर्व की सूचक है. पंजाब और हरियाणा में नशे का जिस प्रकार से फैलाव हुआ है वह देश और समाज के लिए चिंता का विषय है.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने अपने स्वागत भाषण में कहा की आधुनिक समय तनाव और प्रतिस्पर्धा से भरा है और ऐसे में युवाओं के भटकने का खतरा सबसे अधिक है. भटका इंसान या फिर मौज-मस्ती ढूँढने वाला इन्सान ही नशे को अपनाता है. इस कार्यशाला को आयोजित करने का प्रायोजन भी यही है की कोई युवाओं को सही मार्ग दिखाए और नशे से मुक्ति में इनकी मदद करे. नशा ऐसी बीमारी है जो हमें, हमारे समाज और देश को तेजी से निगलती जा रही है. हमारे पडोसी राज्य पंजाब का हाल तो किसी से भी छिपा नहीं है. आज शहर और गावों में पढ़ने-खेलने की उम्र में स्कूल और कॉलेज के बच्चे एवं युवा वर्ग मादक पदार्थों के बाहुपाश में जकड़ते जा रहे हैं. इस बुराई के कुछ हद तक जिम्मेदार अभिभावक भी हैं. वे अपने काम धंधों में इतना उलझ गए हैं कि उन्हें फुर्सत ही नहीं है ये जानने की की उनका बच्चा कर क्या रहा है, कहाँ जा रहा है. इसके विपरीत बच्चों की हर मांग पूरी करना ही वे अपनी जिम्मेदारी समझ बैठे हैं. यह सोच हमको तुरंत बदलनी होगी नहीं तो बहुत देर हो जायेगी.

रविंदर सिंह वरिष्ठ प्रोग्राम ऑफिसर हरियाणा रेड क्रॉस ब्रांच चंडीगढ़ने कहा की कभी शौक के नाम पर तो कभी दोस्ती की आड़ में, कभी दुनियाँ के दुखों का बहाना करके तो कभी कोई मज़बूरी बताकर, कभी टेंशन तो कभी बोरियत दूर करने के लिए लोग शराब, सिगरेट, तम्बाकू, ड्रग्स आदि अनेक प्रकार के मादक द्रव्यों को लेना शुरू करते है.  लेकिन नशा कब उनकी जिंदगी का हिस्सा बन जाता है उन्हें पता ही नहीं चलता और जब पता चलता है. उन्होनें नशा छोड़ने के उपायों एवं उपचारों के बारे भी बताया. उन्होनें कहा की हमें हमेशा पॉजिटिव रहना चाहिए तथा खुद को खेल-कूद, किताबो एवं अन्य ऐसे उपायों में व्यस्त रखना चाहिए जिससे हमारा मन नहीं भटके. यदि इतने उपाय करने के बाद भी वे नशा छोड़ने में सफल न हों तो विशेषज्ञ एवं नशा मुक्ति केंद्र से राय लेना हमेशा बेहतर होता है.

एसडी कॉलेज प्रधान पवन गोयल ने कहा की आज की कार्यशाला बहुत अधिक प्रासंगिक है. नशे ने हमारे जीवन को सबसे अधिक प्रभावित किया है और इसका सबसे बड़ा खतरा युवाओं को है. कॉलेज चाहता है की आज के युवा जो कल का भविष्य है हर मायने में तंदुरस्त और सेहतमंद रहे तथा कभी नशे के भंवर में न फसे.

इस अवसर पर सभी युवा छात्र-छात्राओं को नशा मुक्ति की शपथ डॉ अर्चन गुप्ता और राजेन्द्र सैनी ने दिलाई.  

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