मनमोहन नगर फायरिंग मामले में पानीपत पुलिस की त्वरित कार्रवाई, जानलेवा हमले के 6 आरोपी गिरफ्तार
वारदात में प्रयुक्त एक देसी पिस्तौल, 2 जिंदा रौंद व एक थार गाड़ी बरामद
तीन आरोपियों का पहले भी रहा है आपराधिक रिकॉर्ड, मारपीट के मामले हैं दर्ज
BOL PANIPAT , 07 अक्तूबर । पानीपत पुलिस ने मनमोहन नगर में फायरिंग कर दहशत फैलाने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभिनव उर्फ फौजी निवासी धूप सिंह नगर, आशु निवासी वार्ड नंबर 11 सैनी कॉलोनी, आकाश व आसिफ निवासी भारत नगर, साहिल निवासी गली नंबर 3 किशनपुरा तथा रोहित निवासी पसीना खुर्द के रूप में हुई है।
उप पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार ने बुधवार को जिला सचिवालय स्थित पुलिस विभाग के सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक श्रीमती मेधा भूषण आईपीएस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की धरपकड़ एवं जांच की जिम्मेदारी सीआईए-2 प्रभारी सब इंस्पेक्टर अनिल की टीम को सौंपी गई थी।
पुलिस टीम ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देते हुए मंगलवार देर शाम बरसत रोड से 6 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने मामले में नामजद तथा अन्य फरार साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी रोहित का मनमोहन नगर में ऑफिस है। दिन के समय किसी बात को लेकर उसका मनमोहन नगर में झगड़ा हुआ था। इसी रंजिश के चलते रोहित ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाई। इसके बाद सभी आरोपी शाम के समय बाइकों व गाड़ी में सवार होकर मनमोहन नगर पहुंचे और वहां फायरिंग कर वारदात को अंजाम दिया।
उप पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से अभिनव, साहिल और आशु का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड होना पाया गया है। आरोपी अभिनव के खिलाफ लड़ाई-झगड़े के 4 मामले, साहिल के खिलाफ 3 मामले तथा आशु के खिलाफ 1 मामला दर्ज है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त एक देसी पिस्तौल, 2 जिंदा रौंद तथा एक थार गाड़ी बरामद कर गिरफ्तार सभी 6 आरोपियों को बुधवार को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से गहनता से पूछताछ करने के साथ ही वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों का पता लगाकर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास करेगी।
यह है मामला
थाना किला में मुशाहिद निवासी मनमोहन नगर बबैल रोड ने थाना किला पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह वेस्ट का काम करता है तथा उसके घर के अंदर ही वेस्ट का गोदाम है। उसके पड़ोस में रोहित नामक युवक ने फाइनेंस का ऑफिस किया हुआ है। वहां आवारा किस्म के लड़कों का आना-जाना रहता है।
इनमें कुछ युवकों के खिलाफ पहले भी हत्या, डकैती आदि संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं और वे गिरोह के रूप में अपराध करते हैं। युवक ऑफिस पर शराब पीकर पड़ोस की महिलाओं को देख अपशब्द तथा बदतमीजी करते हैं। उसने कई दिन पहले रोहित को समझाया था कि वह अपने ऑफिस पर आवारा लड़कों को बैठाकर शराब न पिलाए, क्योंकि इससे मोहल्ले का माहौल खराब हो रहा है। इसी बात को लेकर रोहित उससे रंजिश रखने लगा। 6 अक्तूबर को वह अपने दोस्त अफसर के साथ गोदाम में मौजूद था। इसी दौरान रोहित का फोन आया और उसने उसे अपने ऑफिस पर आकर बात करने के लिए कहा। रोहित के बुलाने पर वह अपने दोस्त अफसर के साथ उसके ऑफिस पर गया। वहां रोहित, दीपक सरपंच, अनुभव, अभिनव, वीरू उर्फ लाला, कुनाल तथा अन्य व्यक्ति मौजूद थे और सभी शराब पी रहे थे।
ऑफिस पर जाते ही अभिनव ने उन दोनो के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। गाली देने से मना करने पर वहां मौजूद सभी आरोपियों ने उन दोनों के साथ मारपीट की तथा जबरदस्ती ऑफिस का दरवाजा बंद करने का प्रयास किया। वे दोनों किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकले। पीछे से अभिनव व उसके साथियों ने दोनों को जान से मारने की धमकी दी।
कुछ समय बाद ऑफिस से सभी व्यक्ति चले गए। शाम करीब 5 बजे गली में कई गाड़ियां व बाइके आकर रुकीं। गाड़ियों की आवाज सुनकर वह और उसका साथी गोदाम से बाहर आए तो उन्होंने देखा कि अभिनव व काकू के हाथ में पिस्टल, फरमान के हाथ में तलवार तथा अनुभव के हाथ में गंडासी थी। अन्य करीब 8-10 व्यक्ति भी हथियार लिए हुए थे।
आरोपी काकू व अभिनव ने उसे व उसके दोस्त अफसर को देखते ही जान से मारने की नीयत से सीधे फायर कर दिए। दोनों ने किसी तरह घर के अंदर घुसकर खुद जान बचाई। मौके पर काफी भीड़ एकत्रित हो गई। इसके बाद सभी आरोपी धमकी देते हुए अपने हथियारों, गाड़ियों व बाइक समेत मौके से फरार हो गए। थाना किला में मुशाहिद की शिकायत पर बीएनएस की संबंधित धाराओं में अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच व आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए थे।

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