पानीपत ने लिया संकल्प: बाल विवाह मुक्त जिले की ओर एक सशक्त कदम
-बाल-हित सर्वोपरि के संदेश के साथ सरपंचों ने ली बाल विवाह उन्मूलन की शपथ
BOL PANIPAT , 27 नवंबर। जिला सचिवालय सभागार में गुरुवार को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की प्रथम वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर से आए सरपंचों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर उपस्थित सरपंचों को जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के लिए न्यायोचित अधिकार सुनिश्चित करना, बाल-हित सर्वोपरि के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना तथा बाल विवाह को रोकने के लिए सामुदायिक जागरूकता को सशक्त करना रहा।
जिला परिषद की सीईओ डॉ. किरण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास में गंभीर बाधा उत्पन्न करता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि तेजी से विकसित होते समाज में अब किसी भी प्रकार के बाल विवाह को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डॉ. सिंह ने सरपंचों को शपथ दिलाते हुए कहा कि प्रत्येक पंचायत को बाल विवाह रोकथाम में अग्रणी भूमिका निभानी होगी और अपने क्षेत्र को सुरक्षित तथा जागरूक बनाना होगा।
कार्यक्रम में जिला प्रोटेक्शन एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बाल विवाह के जोखिमों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में अकेले पानीपत जिले में 26 बाल विवाह के मामले सामने आए हैं, जो समाज के लिए चिंताजनक स्थिति को दर्शाते हैं।
रजनी गुप्ता ने कहा कि जब तक ग्राम पंचायतें इस मुहिम में सक्रिय सहयोग नहीं देंगी, तब तक बाल विवाह मुक्त भारत का सपना साकार नहीं हो पाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि कई मामलों में बच्चियाँ असुरक्षित परिस्थितियों में पाई गईं, इसलिए समुदाय को जागरूक रखना अत्यंत आवश्यक है।
जिला समन्वयक संजय ने कहा कि अभियान को गांव-स्तर पर मजबूती से चलाया जा रहा है और प्रत्येक गांव में टीमों का गठन किया गया है, जो समय-समय पर निगरानी और जागरूकता गतिविधियाँ संचालित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को यह समझना होगा कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई नहीं बल्कि भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
डीपीओ लक्ष्मी ने कहा कि बाल विवाह मुक्त भारत केवल एक नारा नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि भगवान भी उसी समाज को प्यार करता है जो अपने बच्चों की सुरक्षा और हित को सर्वोपरि रखता है। उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने का अनुरोध किया।
एम.डी.डी. ऑफ इंडिया और संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी, पानीपत (महिला थाना) के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने सभी नागरिकों से अपील की कि बाल विवाह जैसे अपराध के खिलाफ आवाज उठाए और हर बच्चे को सुरक्षित, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने में सहभागी बनें। इस मौके पर एडवोकेट पायल, अशोक के अलावा जिले भर से सरपंच व उनके प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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