Friday, April 17, 2026
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हाथ मिलाएं -कुष्ठ मिटाएं का संदेश जन-जन को देते स्वास्थ्य कर्मी

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at February 10, 2023 Tags: , , , , ,

10 दिनों में 100 जागरूकता शिविरों में 2100 लोगों ने करवाई त्वचा की जांच

स्वास्थ्यविभाग के सबल प्रयास से कुष्ठ रोग से मुक्त होगा : जिला उपायुक्त

BOL PANIPAT , 10 जनवरी। जिले को कुष्ठ रोग (लेप्रोसी)से मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग का बड़ा अमला इन दिनों लोगों को शिविरों के माध्यम से जागरूक करने में लगा है। जागरूकता शिविरों में स्वास्थ्य कर्मी लोगों को हाथ मिलाएं -कुष्ठ मिटाएं का संदेश देते नजऱ आते हैं। शिविर में विभाग के कर्मी बताते हैं कि घबराये नहीं क्योंकि यह छुत की बीमारी नहीं है। वे इस दौरान आम जन को कुष्ठ रोगी के साथ सामान्य व्यवहार करने की सलाह भी देते हैं। लोगों को इस दौरान शपथ भी दिलाते हैं। शिविर में स्वास्थ्य विभाग के कर्मी का कुष्ठ रोग कैसे फैलता है व इसके प्रमुख लक्ष्ण क्या है पर जोर रहता है।
उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में गत 31 जनवरी से अब तक 10 दिनों में 100 जागरूकता शिविरों का सफल आयोजन किया जा चुका है। इन शिविरों में 2100 लोगों ने अपनी त्वचा की जांच करवाई जिसमें 3 नये मरीज मिले हैं। उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2021 से 2022 तक 62 रोगी मिले जबकि वर्ष 2022 से 2023 तक 43 रोगी मिले । जिसमें 40 कुष्ठ रोगी ठीक हो चुके हैं व 65 कुष्ठ रोगियों का इलाज चल रहा है। काफी हद से जिले को कुष्ठ रोग से मुक्त किया जा चुका है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी जयंत आहूजा ने बताया कि कुष्ठ रोग एक प्रकार का त्वचा संक्रमण है जो माइकोबैक्टीरियम लेप्राई नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। कुष्ठ रोग एक ऐसी बीमारी है जो एक अल्सर की तरह दिखती है लकिन इसे छुत की बीमारी का नाम नहीं दे सेकते। इससे त्वचा पीली और फीकी पड़ जाती है। त्वचा का प्रभावित क्षेत्र भी संवेदना खो देता है। जिले से इस रोग को पूरी तरह से समाप्त करने को लेकर 13 फरवरी तक शिविर लगाये जा रहे हैं जिनमें 950 आंगनवाड़ी वर्कर, 350 एएनएम,160 मेडिकल आफिसर व 40 वरिष्ठ मेडिकल आफिसर जिले की 7 सीएचसी , 15 प्राईमरी स्वास्थ्य केंद्र ,2 शहरी स्वास्थ्य केंद्र, 5 शहरी प्राईमरी स्वास्थ्य केंद्रों व सामान्य अस्पताल में इसे समाप्त करने निरंतर प्रयास करेंगे।
   जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ.ललीत वर्मा ने बताया कि कुष्ठ रोग  शरीर के तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचाता है। यदि किसी व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है तो वह कुष्ठ रोग से जल्दी प्रभावित हो जाता है क्योंकि इससे शरीर में बैक्टीरिया से लडऩे की शक्ति नहीं होती है।
    उन्होंने बताया कि कुष्ट रोग के उपचार लिए एमडीटी सभी स्वास्थ्य केंद्रों में नि:शुल्क उपलब्ध है। पोष्टिक भोजन पर्याप्त मात्रा में ना लेने से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है जिससे शरीर में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए ताजे फल,सब्जियां, दूध आदि का प्रचुर मात्रा में लेना जरूरी है।

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