पानीपत की हवा को बनाना है शुद्ध, प्रदूषण फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
यमुना में जहरीला पानी छोडऩे वालों पर कसेगा शिकंजा, पर्यावरण संरक्षण के लिए बना एक्शन प्लान
पर्यावरण संरक्षण पर जिला प्रशासन सख्त, औद्योगिक प्रदूषण और डंपिंग यार्ड की होगी गहन निगरानी
हर विभाग तय करे जिम्मेदारी, स्वच्छ हवा और स्वच्छ पर्यावरण के लक्ष्य पर तेजी से होगा काम
BOL PANIPAT , 21 जुलाई। हरियाणा विधानसभा की पर्यावरण एवं प्रदूषण विषयक समिति के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला सचिवालय सभागार में मंगलवार को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में पर्यावरण संरक्षण, औद्योगिक प्रदूषण की रोकथाम, डंपिंग यार्ड, एसटीपी-सीईटीपी की स्थिति, पौधारोपण तथा यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि पानीपत की हवा को पूरी तरह स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। संबंधित विभाग अपने स्तर पर विस्तृत कार्य योजना तैयार कर यह बताए कि अब तक पर्यावरण संरक्षण के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं तथा भविष्य में कौन-सी कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज और उद्योगों की भी सांझा जिम्मेदारी है। हमारा लक्ष्य पानीपत को स्वच्छ हवा, स्वच्छ जल और हरित वातावरण वाला जिला बनाना है। प्रदूषण फैलाने वालों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित विभाग तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करें और प्रदूषण नियंत्रण के प्रत्येक बिंदु पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि जिन औद्योगिक इकाइयों से प्रदूषण फैलने की शिकायतें मिल रही हैं, उनकी नियमित निगरानी की जाए। विशेष रूप से रात्रि के समय यमुना नदी में जहरीला एवं दूषित पानी छोडऩे वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण की रक्षा की जा सके। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में संचालित एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और सीईटीपी (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। साथ ही डंपिंग यार्डों का निरीक्षण कर उनकी वर्तमान स्थिति का आकलन किया जाए तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके परिणाम भी धरातल पर दिखाई देने चाहिए। सभी विभाग समयबद्ध लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करें ताकि आमजन को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। बैठक के दौरान उपायुक्त ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा विभागवार समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, सीईओ प्रतीक हुड्डा, डीटीपी सुमित मलिक, क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ) भूपेंद्र चहल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए जिले में प्रभावी कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।

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