एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के खिलाड़ीयों ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय इंटर कॉलेज वेट-लिफ्टिंग और रेसलिंग चैंपियनशिप में झटके पदक
–निशा ने वेट-लिफ्टिंग और प्रतीक ने रेसलिंग में हासिल किये सिल्वर मेडल्स
–समयबद्धता, धैर्य, अनुशासन और मेहनत की मिसाल है ये विजेता खिलाड़ी: दिनेश गोयल
BOL PANIPAT , 19 नवम्बर,
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन के बल पर कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र में आयोजित इंटर-कॉलेज वेट-लिफ्टिंग और रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल्स जीत कर कॉलेज का नाम रोशन किया । कुरुक्षेत्र विश्वविधालय में आयोजित इंटर कॉलेज वेट-लिफ्टिंग चैंपियनशिप की 53 किलोग्राम भारवर्ग में निशा ने और कुश्ती के 65 किलोग्राम भारवर्ग में प्रतीक ने रजत पदक हासिल कर यह मुकाम हासिल किया । प्रतीक का आल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी रेसलिंग के लिए भी चयन हो गया है । वेट-लिफ्टिंग की खिलाड़ी निशा गत वर्ष भी कुरुक्षेत्र विश्वविधालय वेट-लिफ्टिंग की चैंपियन रह चुकी है । इसी तरह प्रतीक ने भी फेडरेशन कप में स्वर्ण पदक जीत रखा है । विजेता खिलाडियों निशा और प्रतीक का स्वागत, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल, अंकुश मलिक, प्रो रेखा, प्रो आनंद, प्रो नीलम, ग्राउंडसमैन प्रताप सिंह और अन्य स्टाफ सदस्यों ने किया । इस अवसर पर दोनों खिलाडियों की भरपूर हौंसला अफजाई की गई ।
कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल ने निशा और प्रतीक की तारीफ़ करते हुए कहा कि वेट-लिफ्टिंग का खेल वर्तमान में लोकप्रिय होता जा रहा है । खेल हम सभी के जीवन में, विशेष रुप से नौजवानों और विद्यार्थियों के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । कॉलेज के खिलाडियों ने अंतरराष्ट्रीय और कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र में शानदार खेल पेश करके मैडल जीतकर हर खिलाड़ी को प्रेरणा दी है । हमें भी कम से कम कुछ समय खेलों में सक्रिय होने के लिए अवश्य निकालना चाहिए । उन्होनें खेलों में उज्जवल भविष्य की संभावनाओं को लेकर विजेता खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया ।
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने दोनों विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि ये सभी खिलाड़ी समयबद्धता, धैर्य, अनुशासन और लगन की मिसाल है । ये गुण किसी भी खिलाड़ी के लिए उपलब्धि को प्राप्त करने के मूल मन्त्र है । कॉलेज के सभी खिलाड़ियों को भविष्य में भी आगे बढ़ने के समुचित अवसर और सुविधाएं कॉलेज द्वारा दी जायेगी ।
शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल ने इस अवसर पर विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी और उनकी उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया । उन्होनें कहा कि युवा खिलाडियों की कामयाबी का सफ़र बहुत लम्बा होता है और ऐसे में हर युवा का फ़र्ज़ बनता है कि वे भी इन विजेताओं की तरह लगन के साथ लक्ष्य की तरफ बढे । रेसलिंग के बारे में बताते हुए उन्होनें कहा कि कुश्ती एक शारीरिक प्रतिस्पर्धा है जहाँ दो पहलवान एक-दूसरे को चित करने की कोशिश करते हैं । इसमें पहलवान प्रतिद्वंदी को पकड़ने, पटखनी देने या चित करने के लिए कुश्ती, क्लिंच फाइटिंग, थ्रो और टेकडाउन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं । यह एक प्राचीन खेल है जिसके विभिन्न रूप हैं जिनमें ओलंपिक में खेले जाने वाले फ्रीस्टाइल और ग्रीको-रोमन कुश्ती सबसे प्रमुख हैं ।

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